नवादा में इस बार 96 हजार 870 हेक्टेयर में लगेगा गेहूं, 21 को जिलास्तरीय रबी कार्यशाला में किसान सीखेंगे नई तकनीक

 


जागरण संवाददाता, गया:
 जिले में खरीफ सीजन का समय बीतता जा रहा है। अब धीरे-धीरे करके समय रबी फसलों की खेती का शुरू होगा। अक्टूबर के दूसरे पखवारा से रबी का सीजन माना जाता है। लिहाजा, जिला कृषि विभाग अभी से ही रबी फसलों की तैयारी में जुट गया है। इस साल जिले में 96 हजार 870 हेक्टेयर में गेहूं की खेती करने का लक्ष्य रखा गया है। जबकि रबी मक्का व गरमा मक्का का 6941 हेक्टेयर में खेती का लक्ष्य है। 

इस बार जीरोटीलेज तकनीक से गेहूं की खेती के लिए किया जाएगा प्रोत्साहित

तेलहन फसलों के तहत राई व सरसो की खेती 3796 हेक्टेयर में होगी। वहीं तीसी 1810 व सूर्यमुखी 38 हेक्टेयर में लगाई जाएगी। जिला कृषि पदाधिकारी सुदामा महतो ने कहा कि रबी फसलों की तैयारी में विभाग जुट गया है। इस बार जीरोटीलेज तकनीक से गेहूं की खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाएगा। किसानों को रबी फसलों में मिलने वाले अनुदानित लाभ को भी समय से पहुंचाया जाएगा। 

25 हजार 700 हेक्टेयर में होगी आलू की खेती 

जिले में इस साल आलू की खेती की भी तैयारी अभी से की गई है। इस बार 25 हजार 700 हेक्टेयर में आलू की फसल लगाई जाएगी। टिकारी, कोंच प्रखंड क्षेत्र में आलू की अच्छी खेती होती है। आमतौर पर साल में दो बार आलू की पैदावार होती है। अक्टूबर माह में पहली खेप लगाई जाती है। वहीं दूसरी फसल जनवरी में लगती है। अभी तक आलू के बीच बाजार में ठीकठाक मूल्य पर उपलब्ध है। 

ग्राफिक्स:

रबी फसलों में  खेती का लक्ष्य

गेहूं- 96870 हेक्टेयर

रबी मक्का, गरमा मक्का- 6941 हेक्टेयर 

चना- 14816 हेक्टेयर 

मसूर- 18500 हेक्टेयर

 राई-सरसो- 3796 हेक्टेयर 

तीसी- 1810 हेक्टेयर 

आलू- 25700 हेक्टेयर

प्याज- 5300 हेक्टेयर