कुलपति नितिन डा. मदन कुलकर्णी ने कहा - दृश्य कला विभाग के छात्रों में है अद्भुत प्रतिभा

 


अमृत महोत्सव के तहत कला उत्सव 2021 का आयोजन किया गया।
डा श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय रांची के सभागार के बाह्य परिसर में दृश्य कला एवं संगीत विभाग द्वारा अमृत महोत्सव के तहत कला उत्सव 2021 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलपति डा नितिन मदन कुलकर्णी ने किया

रांची,सं। डा श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, रांची के सभागार के बाह्य परिसर में दृश्य कला एवं संगीत विभाग द्वारा अमृत महोत्सव के तहत कला उत्सव 2021 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलपति डा नितिन मदन कुलकर्णी ने किया। कुलपति डा. नितिन मदन कुलकर्णी ने कहा कि विश्वविद्यालय के दृश्य कला विभाग के छात्रों में अद्भुत प्रतिभा विद्यमान है एवं कलाकारों को आर्थिक रूप से समर्थ तथा सशक्त बनाने के लिए विश्वविद्यालय अपने एमबीए डिपार्टमेंट के सहयोग से इन चित्रों तथा मूर्तियों को वैश्विक बाजार उपलब्ध कराने का प्रयास करेगा, ताकि विश्वविद्यालय के दृश्य कला विभाग के छात्रों को उनके रचनात्मक श्रम और संवेदनापूर्ण कृतियों का उचित मूल्य मिल सके।

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से आए हुए दृश्य कला विभाग के प्राध्यापक डा. अमरेश कुमार ने कहा कि छात्रों की कलाकृतियां इस बात का प्रमाण दे रही है कि विश्वविद्यालय के इस विभाग ने स्थापित होने के पश्चात बहुत कम समय में ही बहुत अधिक प्रगति की है। इसे और आगे ले जाने के लिए सरकारी सहयोग के साथ-साथ हम सभी लोगों को भी सामूहिक प्रयास करना चाहिए। दो कदम हम चलें, दो कदम सरकार चले तो झारखंड में कलाकारों को एक अच्छा वातावरण उपलब्ध करवाया जा सकता है जिसमें कला उनके लिए आजीविका का माध्यम भी बन सके और वह बेहतर ढंग से समाज में सार्थक संदेश प्रसारित कर सके।

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कुलसचिव डा. नमिता सिंह ने कहा कि इस प्रदर्शनी में यह यथार्थबोध हो रहा है कि बच्चों और उनके शिक्षकों ने कड़ी मेहनत की है। दृश्य कला विभाग के छात्रों की चित्रकला एवं शिल्पकला अत्यंत सराहनीय है। दृश्य कला एवं संगीत विभाग की समन्वयक डा. यशोधरा राठौर ने कहा कि मैंने कई वर्षों के अथक् प्रयास से कला विभाग की स्थापना की। कला के विकास, संवर्धन और संरक्षण के लिए करवाई है। कला उत्सव 2001 इसका प्रथम सोपान है जिससे आने वाले समय में कला का भविष्य प्रज्ज्वलित एवं प्रखर हो सकेगा।

इस अवसर पर दृश्य कला विभाग के छात्रों द्वारा विभिन्न मनमोहक चित्रों और कलाकृतियों को सभी के समक्ष प्रदर्शित किया गया जो अत्यंत आकर्षक और छात्रों की समृद्ध कलात्मक चेतना के प्रमाण थे। संगीत के छात्रों ने इस अवसर पर महात्मा गांधी के अत्यंत प्रिय भजन "वैष्णो जन तो तैने कहिए, जो पीर पराई जाने रे" गाकर अमृत महोत्सव को चरितार्थ किया। यह कला उत्सव 2021 कल अर्थात् 5 अक्टूबर 2021 को भी दर्शकों के लिए खुला रहेगा।

कार्यक्रम में मंच संचालन वाणिज्य विभाग की प्राध्यापिका सोनम गुप्ता ने किया। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के दृश्य कला विभाग के वरीय प्राध्यापक डा. अमरेश कुमार, डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय की कुलसचिव डा. नमिता सिंह, छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष डा. अशोक महतो, कला उत्सव 2021 की आयोजन सचिव एवं दृश्य कला तथा संगीत विभाग की समन्वयक डॉ. यशोधरा राठौर एवं दृश्य कला एवं संगीत विभाग के समस्त शिक्षकों ने दीप प्रज्वलन के माध्यम से किया।

इस अवसर पर इतिहास के प्राध्यापक डा. राजेश सिंह, भौतिकी के विभागाध्यक्ष राजेश कुमार, राजनीति शास्त्र की विभागाध्यक्ष डा. रीना नंद, अंग्रेजी की प्राध्यापिका डा. पीयूष बाला, दृश्य कला एवं संगीत विभाग के शिक्षक राजेंद्र प्रसाद गुप्ता, दीपांकर कर्मकार, डा. अभिषेक कुमार गुप्ता, कुमारी प्रियंका तथा दृश्य कला एवं संगीत विभाग के समस्त छात्र गण उपस्थित थे।