प्लास्टिक के कचरे के निस्तारण को जल्द लगेगा प्लांट, शुरू हुई कवायद

 


प्लास्टिक का कचरा अब निगम अधिकारियों का सिरदर्द नहीं बनेगा।
प्लास्टिक का कचरा अब निगम अधिकारियों का सिरदर्द नहीं बनेगा। इसके निस्तारण के लिए प्रयास शुरू हो चुके हैं। शहर में जल्द ही ड्राई प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट स्थापित होने जा रहा है। प्रस्ताव पर मुहर लग चुकी है। बजट भी अवमुक्त हो गया।

अलीगढ़,संवाददाता।  प्लास्टिक का कचरा अब निगम अधिकारियों का सिरदर्द नहीं बनेगा। इसके निस्तारण के लिए प्रयास शुरू हो चुके हैं। शहर में जल्द ही ड्राई प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट स्थापित होने जा रहा है। प्रस्ताव पर मुहर लग चुकी है। बजट भी अवमुक्त हो गया। टेंडर प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा अन्य तरह के कचरे के निस्तारण के लिए भी अलग-अलग प्लांट लगाए जाएंगे। प्रयास सफल रहे तो सफाई व्यवस्था काफी हद सुधरेगी।

हजारों टन प्‍लास्‍टिक का कचरा प्‍लांट में जमा

शहर में प्रतिदिन 450 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है, जिसे निस्तारण के लिए मथुरा रोड स्थित एटूजेड कंपनी के प्लांट भेजा जाता है। यहां 200 मीट्रिक टन कचरे का ही जैविक खाद बनता है, बाकी कचरा वहीं डाल दिया जाता है। इसमें प्लास्टिक का कचरा भी होता है। इसके अलावा बाजार में छापामारी के दौरान बरामद पालिथीन भी यहीं आती है। हजारों टन प्लास्टिक का कचरा प्लांट में जमा है, जिसका निस्तारण नहीं हो सका। अब ऐसे कचरे के लिए 2.50 करोड़ रुपये की लागत से ड्राई प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट स्थापित किया जा रहा है। महापौर मोहम्मद फुरकान ने 15वें वित्त आयोग के तहत इसके लिए बजट आवंटित किया है।

अन्‍य प्‍लांट भी होंगे स्‍थापित

अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्त ने बताया कि इस प्लांट के अलावा अन्य प्लांट भी स्थापित किए जा रहे हैं। 1.50 करोड़ की राशि से सी एंड डी वेस्ट के निस्ताण के लिए प्लांट बनेगा, मृत पशुओं के निस्तारण में आ रही परेशानियों को देखते हुए 3.50 करोड़ रुपये की लागत से नगर निगम कारकस प्लांट बनवा रहा है। एटूजेड प्लांट की क्षमता बढ़ाने के लिए सात कराेड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। वहीं, सफाई व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए चार स्किड स्टेयर लोडर, चार बैको लोडर, तीन डीएक्स, चार टाटा 709, एक ट्रैक्टर माउंटेंड सक्शन मशीन, पांच ट्रैक्टर मय हाइड्रोलिक ट्राली, 58 टेंपो टाटा, दो मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीन और दो रिफ्यूज कंपैक्टर खरीदे जाएंगे।