मल्‍टी एजेंसी ग्रुप करेगा इसमें शामिल नामों की जांच, विदेशों से ली जाएगी मदद

पैंडोरा पेपर्स में शामिल नामों की होगी जांच
पैंडोरा पेपर्स में कई लोगों के नाम अब तक सामने आ चुके हैं। सरकार ने इस सभी नामों की जांच कराने का फैसला लिया है। इसकी जांच मल्‍टी एजेंसी ग्रुप करेगी। इसके लिए विदेशों से भी मदद ली जाएगी।

नई दिल्ली (पीटीआई/रायटर्स)। पैंडोरा पेपर्स में समेत कई धन कुबेरों का नाम सामने आने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। इसमें कई बड़े नामों का खुलासा हुआ है जिसमें कई बड़े उद्योगपतियों समेत क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर भी शामिल हैं। सरकार ने इसकी जांच करने का फैसला लिया है। इस खुलासे में जितने भी भारतीयों के नाम अब तक सामने आए हैं उन सभी की जांच की जाएगी।

इस जांच की जिम्‍मेदारी एक नहीं बल्कि कई एजेंसियां मिलकर करेंगी। इस मल्‍टी एजेंसी ग्रुप के अध्यक्ष सीबीडीटी के चेयरमैन होंगे। इस ग्रुप में आयकर विभाग (आइटी), प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) और वित्तीय खुफिया इकाई (एफआइयू) शामिल होंगे। भारत सरकार विदेशों में भारतीयों द्वारा खोली गई कंपनियों की जानकारी के लिए भी उन देशों से संपर्क करेगी जिनके बारे में अब तक जानकारी सामने आ चुकी है।

रायटर्स के मुताबिक रिलायंस एडीए ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी की विदेशों में करीब 18 कंपनियां होने की भी बात सामने आई है। इनमें से सात ने 1.3 अरब डालर का कर्ज भी लिया था। हालांकि इन कंपनियों का नेटवर्थ जीरो है। वहीं, इस मामले में उनके वकील का कहना है कि अनिल अंबानी की कंपनियां पूरी दुनिया में कारोबार करती हैं और नियमों के मुताबिक कई देशों में उनकी कंपनियां मौजूद हैं। इसकी जानकारी आय कर विभाग को भी दी गई है। इस बात का खुलासा इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑफ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स' (ICIJ) ने किया है।

आईसीआईजे को करीब सवा करोड़ से अधिक गोपनीय दस्‍तावेजों की ऐसी जानकारियां मिली हैं जिनमें गुप्‍त वित्‍तीय लेन-देन का जिक्र है। आईसीआईजे ने 117 देशों के 150 मीडिया संस्थानों के 600 पत्रकारों की मदद से एक रिपोर्ट तैयार की है। भारत सरकार ने विदेशों से जो जानकारी लेने का फैसला किया है वो इसकी काम में अब मददगार साबित होगी। आपको बता दें कि आईसीआईजे ने जिन लोगों के नाम का खुलासा किया है उनमें दुनिया के दो सौ से अधिक देशों के सैकड़ों नेताओं, अरबपतियों, मशहूर हस्तियों, धार्मिक नेताओं और नशीले पदार्थो के कारोबारी भी शामिल हैं। हालांकि कुछ लोगों ने इसमें अपना नाम शामिल होने से साफतौर पर इनकार किया है।

इस रिपोर्ट में 300 भारतीय लोगों के नाम का भी जिक्र किया गया है। इनमें अनिल अंबानी, विनोद अदाणी, जैकी श्राफ, किरण मजूमदार-शा, नीरा राडिया, सचिन तेंदुलकर और सतीश शर्मा का नाम शामिल हैं। इसके अलावा जार्डन के शाह, यूक्रेन, केन्या और इक्वाडोर का राष्ट्रपति, चेक गणराज्य के प्रधानमंत्री और ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर, पाप स्टार शकीरा और सुपर माडल क्लाडिया शिफर का भी नाम इसमें शामिल है। सरकार ने आईसीआईजे की इस रिपोर्ट पर स्‍वत: संज्ञान लिया है।

सरकार की तरफ से कहा गया है कि वो मामले की जांच कर कानून के मुताबिक उचित कार्रवाई करेगी। हालांकि जांच के शुरू होने या खत्‍म करने की कोई समय सीमा तय नहीं की गई है। बायोकान की प्रमुख मजूमदार-शा ने सोशल मीडिया पर कहा है कि उनके पति के नाम को इसमें गलत तरह से शामिल किया गया है। उनका कहना है कि जिस ट्रस्‍ट के नाम पर वित्‍तीय गड़बड़ी की बात कहकर उनके पति को गलत ठहराया गया है वो वास्तव में एक वैध ट्रस्ट है। उनका ये भी कहना है कि भारत में रहने वाले किसी भी व्‍यक्ति के पास इसकी बड़ी जिम्‍मेदारी नहीं है।