पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी में बड़ा फेरबदल, लेफ्टिनेंट जनरल नदीम अंजुम को बनाया गया आइएसआइ का प्रमुख

 

लेफ्टिनेंट जनरल नदीम अहमद अंजुम को आइएसआइ के महानिदेशक बनाया गया।

लेफ्टिनेंट जनरल नदीम अहमद अंजुम को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) का नया महानिदेशक नियुक्त किया गया है। सेना की मीडिया मामलों की शाखा ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। समाचार एजेंसी एएनआइ ने इसकी जानकारी पाकिस्तानी मीडिया के हवाले से दी है।

इस्लामाबाद, एजेंसियां। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी में बड़ा फेरबदल हुआ है। इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद का तबादला हो गया है। उनकी जगह लेफ्टिनेंट जनरल नदीम अंजुम को प्रमुख नियुक्त किया गया है। स्थानीय मीडिया ने बुधवार को इसकी जानकारी। अंजुम पहले कराची कोर के कमांडर के रूप में काम कर चुके हैं। उनको सितंबर 2019 में लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर पदोन्नत किया गया था। रिपोर्ट में कहा गया है यह घोषणा अंजुम को पाकिस्तान के अगले सेनाध्यक्ष (सीओएएस) बनने के करीब लाएगी।  वर्तमान सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा का तीन साल का विस्तार अगले साल समाप्त हो जाएगा। आइएसआई के महानिदेशक की नियुक्ति प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार है। डान की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री द्वारा सेना प्रमुख के परामर्श से इसका चुनाव किया जाता है।

इससे पहले पाकिस्तानी सेना ने चौंकाने वाला कदम उठाते हुए बुधवार को खुफिया एजेंसी आइएसआइ प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद का तबादला कर दिया। हमीद को पेशावर कोर का कमांडर बनाया गया है। अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के मद्देनजर यह नियुक्ति अहम मानी जा रही है। सेना की मीडिया इकाई आइएसपीआर ने बताया कि हमीद की जगह पर लेफ्टिनेंट जनरल नदीम अंजुम को इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस (आइएसआइ) का नया प्रमुख बनाया गया है। आइएसआइ प्रमुख की नियुक्ति वैसे तो पाकिस्तानी प्रधानमंत्री करते हैं, लेकिन परंपरा के अनुसार वह इस संबंध में सेना प्रमुख से विमर्श के बाद ही फैसला लेते हैं।पाकिस्तानी सेना में आइएसआइ प्रमुख का पद अहम माना जाता है। लेफ्टिनेंट जनरल अंजुम पाकिस्तानी सेना की पंजाब रेजिमेंट से आते हैं और उन्होंने कराची कोर कमांडर व कमांड एंड स्टाफ कालेज क्वेटा के कमांडर के रूप में सेवाएं दी हैं। वह फ्रंटियर कोर बलूचिस्तान में महानिरीक्षक रह चुके हैं। हमीद को 16 जून, 2019 को आइएसआइ प्रमुख नियुक्त किया गया था। इससे पहले उन्होंने आइएसआइ में आंतरिक सुरक्षा प्रमुख के रूप में काम किया था। हमीद को सेना प्रमुख जनरल कमर बाजवा का करीबी माना जाता है।अफगानिस्तान पर 20 साल बाद तालिबान के कब्जे में भी हमीद की अहम भूमिका मानी जाती है। हमीद सितंबर में अचानक काबुल पहुंच गए थे और मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में कहा था कि अफगानिस्तान में सब कुछ ठीक हो जाएगा। उन्होंने यह बयान उस समय दिया था, जब सरकार गठन की घोषणा में देरी के कारण तालिबानी कमांडरों के बीच मतभेद की अफवाहें थीं। सेना ने एक आधिकारिक बयान में वरिष्ठ स्तर पर दो और नियुक्तियों की भी घोषणा की। इसमें कहा गया है कि लेफ्टिनेंट जनरल मुहम्मद आमिर को गुजरांवाला कोर का कमांडर नियुक्त किया गया है, जबकि लेफ्टिनेंट जनरल असीम मुनीर को सेना का क्वार्टर मास्टर जनरल (क्यूएमजी) नियुक्त किया गया है।