पाकिस्तान के उत्तरी वजीरिस्तान में आतंकी हमले में पांच सैनिक मारे गए

 


आतंकियों ने पाकिस्तानी सैनिकों के वाहनों पर हमला किया
अफगानिस्तान सीमा के पास उत्तरी वजीरिस्तान जिले में शनिवार को आतंकियों ने पाकिस्तानी सैनिकों के वाहनों पर हमला किया जिसमें कम से कम पांच सैनिक मारे गए। मीडिया रिपोर्ट से यह जानकारी मिली है।

इस्लामाबाद, एएनआइ। अफगानिस्तान सीमा के पास उत्तरी वजीरिस्तान जिले में शनिवार को आतंकियों ने पाकिस्तानी सैनिकों के वाहनों पर हमला किया, जिसमें कम से कम पांच सैनिक मारे गए। मीडिया रिपोर्ट से यह जानकारी मिली है। समा टीवी के अनुसार, पाकिस्तान की मीडिया मामलों की शाखा इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने एक बयान में कहा कि हमले में फ्रंटियर कॉर्प्स के चार जवान और लेविस फोर्स के एक इंस्पेक्टर मारे गए। घटना उत्तरी वजीरिस्तान के स्पिन वाम इलाके की है। अधिकारियों ने तलाशी अभियान शुरू कर दिया है और इलाके की घेराबंदी कर दी गई है।

इससे पहले 30 सितंबर को खैबर पख्तूनख्वा (केपी) के टैंक जिले में एक ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तानी सेना का एक कप्तान मारा गया था। हाल के महीनों में पाकिस्तानी सेना पर हमलों में तेजी आई है। अफगानिस्तान में सीमा पार सरकारी बलों के खिलाफ तालिबान के हमले तेज करने के बाद से उत्तर और दक्षिण वजीरिस्तान कबायली जिलों के कुछ इलाकों में सुरक्षा बलों पर हमले बढ़ गए हैं।

सेना पर 55 हमले कर चुका है टीटीपी

ज्ञात हो कि आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने इमरान सारकार और पाकिस्तानी सेना से वजीरिस्तान और बलूचिस्तान में सैन्य आपरेशनों को बंद करने को कहा है। एक रिकार्डेड वीडियो संदेश में तालिबान प्रमुख नूर वली महसूद ने कहा कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो टीटीपी पाकिस्तान से सभी आदिवासी इलाकों को आजाद करा देगा। टीटीपी ने जुलाई से 15 सितंबर के बीच पाकिस्तानी सेना पर 55 हमले किए हैं।

इन हमलों में 100 से अधिक सैनिक मारे गए हैं जबकि कई जख्‍मी हुए हैं। समाचार एजेंसी आइएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक इन हमलों को आत्मघाती हमलावरों, आईईडी विस्फोटक उपकरणों और स्नाइपर द्वारा अंजाम दिया गया है। सबसे बड़ा हमला दसू जलविद्युत परियोजना के पास एक चीनी काफिले पर किया गया था।

टीटीपी ने एक और वीडियो जारी किया था, जिसमें पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के टैंक जिले में आतंकियों को पाकिस्तानी सेना पर हमला करने के लिए आईईडी का इस्‍तेमाल करते हुए दिखाया गया है। इसमें कई सैनिक घायल हो गए थे। अफगानिस्‍तान में तालिबान के सत्ता में वापस आने और अमेरिकी सेना के जाने के बाद टीटीपी के हौसले और बढ़ गए हैं।