स्वच्छता रैंकिंग में सुधार के लिए निगम ने कसी कमर, पाॅलीथिन पर लगेगा जुर्माना

 

स्वच्छता संबंधी शिकायतों के निपटान के लिए 24 घंटे में हो इसकी भी पूरी व्यवस्था की जाएगी।
निगम जहां प्रत्येक घर से गीला व सूखा कचरा अलग-अलग करने पर जोर दे रहा है तो वहीं कचरे में आने वाले रिसाइकिल योग्य वस्तुएं लैंडफिल पर न जाएं इसके लिए एमआरएफ (मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) संयंत्रों की स्थापना पर काम करने का निर्णय लिया गया है।

नई दिल्ली,  संवाददाता। आने वाले कुछ दिनों में जहां स्वच्छता सर्वेक्षण-2021 के परिणाम सभी के सामने होंगे, वहीं वर्ष 2022 के स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए दिल्ली के स्थानीय निकाय तैयारियों में जुट गए हैं। इसी कड़ी में दक्षिणी निगम ने रैंकिंग में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।

घर में गीला व सूखा कचरा अलग करने पर जोर

निगम जहां प्रत्येक घर से गीला व सूखा कचरा अलग-अलग करने पर जोर दे रहा है तो वहीं कचरे में आने वाले रिसाइकिल योग्य वस्तुएं लैंडफिल पर न जाएं, इसके लिए एमआरएफ (मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) संयंत्रों की स्थापना पर काम करने का निर्णय लिया गया है। स्वच्छता संबंधी शिकायतों के निपटान के लिए 24 घंटे में हो इसकी भी पूरी व्यवस्था की जाएगी। दक्षिणी निगम के आयुक्त ज्ञानेश भारती ने सभी विभागों के अध्यक्षों के साथ स्वच्छता सर्वेक्षण-2022 की तैयारियों की समीक्षा की।

120 माइक्रोन से कम की पालीथिन पर होगी कार्रवाई

इधर, निगम ने सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर हताश करने के लिए जहां नेकी की दीवार की योजना को और आगे बढ़ाने का फैसला लिया है तो वहीं प्लास्टिक की थैलियों में 120 माइक्रोन से कम थैलियों पर कार्रवाई की जाएगी। निगम ने बताया कि प्लास्टिक प्रबंधन नियमों 2021 को लागू कर दिया है।

सार्वजनिक स्थलों पर पालीथिन जब्त करने का प्रावधान

अब सार्वजनिक स्थलों और सब्जी मंडियों में 120 माइक्रोन से कम की पालीथिन पाई जाती है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माने के साथ प्लास्टिक को जब्त करने का प्रविधान है। वहीं नेकी की दीवार के साथ निगम अब बुक बैंक व क्राकरी बैंक जैस उपयोगों को भी शुरू करेगा।