कानपुर ट्रिपल मर्डर केस का खुलासा, दोस्तों ने रची थी हत्या की साजिश, लूट के इरादे से सुलाया मौत की नींद

 


कानपुर में हुए हत्याकांड की सांकेतिक फोटो।
कानपुर शहर के फजलगंज में शनिवार की सुबह दंपती और उनके 12 साल के बेटे की हत्या की घटना से सनसनी फैली गई। तिहरे हत्याकांड की जानकारी होते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम ने पहुंचकर जांच शुरू की है। वहीं घर के बाहर लोगों की भीड़ लगी हुई थी।

कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में विगत शनिवार की सुबह फजलगंज क्षेत्र में एक सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया गया था। यहां, दंपती और उनके 12 साल की बेटी की हत्या की खबर सुनकर समस्त कानपुर सकते में आ गया था। तिहरे हत्याकांड की जानकारी होते ही राजनीतिक पार्टियों के नेता भी घटनास्थल पर पहुंच गए थे। बताया गया था कि दंपती घर पर ही बाहर बड़े भाई के नाम से परचून की दुकान चलाकर परिवार पाल रहा था। 

हुआ चौंका देने वाला खुलासा: तमाम आशंकाओं को दरकिनार करते हुए फजलगंज के तेरे हत्याकांड का सनसनीखेज राजफाश हुआ है। सामूहिक हत्याओं को किसी और ने नहीं बल्कि प्रेम किशोर के दो जिगरी दोस्तों ने ही अंजाम दिया था। उन्होंने लूट के इरादे से तीन लोगों को मौत की नींद सुला दिया था। दोनों आरोपित दिल्ली से गिरफ्तार किए गए हैं। 

रूह कंपा देने वाला था घटनास्थल का दृश्य: शनिवार के सुबह फजलगंज से गोविंदपुरी जाने वाले रास्ते पर रहने वाले प्रेम किशोर उनकी पत्नी ललिता देवी और उनके बेटे 12 साल के नैतिक की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। तीनों के चेहरे पर चोटें थीं और हत्या के बाद सिर को पॉलिथीन से बांध दिया गया था। पुलिस मानकर चल रही थी कि हत्यारा कोई करीबी ही है। हालांकि जो दृश्य मौका-ए-वारदात पर बनाया गया था वो पुलिस को चकमा देने के लिए। 

मामले का हुआ खुलासा: सोमवार की सुबह पुलिस हत्यारोपितों तक पहुंच गई। जब इस पूरे प्रकरण का पर्दाफाश हुआ तो हर कोई दंग रह गया। असल में प्रेम किशोर के दो दोस्त एटा निवासी गौरव और मंधना निवासी हिमांशु उसके साथ बहुत साल पहले गुड़गांव में रहकर नौकरी करते थे। शुक्रवार को दोनों दोस्त प्रेम के घर पहुंचे और बताया के उन्हें नौकरी के सिलसिले में दिल्ली जाना है और उनकी ट्रेन छूट गई है। ऐसे में उन्होंने उसके घर रात गुजारने की बात कही। इस पर प्रेम किशोर राजी हो गया। देर रात खाना खाने के बाद जब प्रेम किशोर अपनी पत्नी और बच्चे के साथ सो गए तो दोनों दोस्तों ने सबसे पहले प्रेम किशोर को सोते में ही दबोच लिया और उसके हाथ पैर बांध दिए। इसी बीच नैतिक जग गया तो दोनों हत्यारोपितों ने उसके सिर पर राड मारकर उसे घायल कर दिया इसके बाद दोनों ने प्रेम किशोर की हत्या कर दी। हालांकि प्रेम किशोर ने बचने का भरसक प्रयास किया, लेकिन वह सफल नहीं हो सका सबसे आखिर में तीनों ने ललिता देवी को भी बंधक बनाकर मौत के घाट उतार दिया। पुलिस के मुताबिक दोनों लूटपाट के इरादे से ही प्रेम किशोर के घर आए थे। बताया यही जा रहा है कि दोनों को इस बात का विश्वास था कि प्रेम किशोर के घर मोटी रकम मिलेगी, लेकिन वहां बहुत अधिक पैसा उन्हें नहीं मिला। वारदात को अंजाम देने के बाद एक पैदल ही घर से निकला, जबकि दूसरा बाइक लेकर। पुलिस को यह सफलता सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मिली है। हालांकि पुलिस ने अभी इस प्रकरण में कुछ भी बताने से इनकार कर दिया है, आरोपितों से पूछताछ चल रही है देर शाम पुलिस इस मामले काे लेकर प्रेस कांफ्रेंस कर सकती है। 

पहचान न खुले इसलिए पूरे परिवार को खत्म कर दिया: दोनों आरोपितों ने पुलिस के सामने स्वीकार किया है कि उन्होंने तीनों हत्याएं इस डर से कीं कि अगर कोई भी जीवित बचा तो वह उनकी पोल खोल देगा, पुलिस उन तक पहुंच जाएगी। ऐसे में उन्होंने सभी की हत्या करने का फैसला लिया।