कानपुर: पारिवारिक लाभ योजना में फर्जीवाड़े के दोषी अफसर व कर्मचारियों पर होगी कार्रवाई, दर्ज हो सकता मुकदमा

 

पारिवारिक लाभ योजना की खबर से संबंधित प्रतीकात्मक फोटो।
पारिवारिक लाभ योजना में पांच करोड़ रुपये का घोटाला हुआ था। इस घोटाले में समाज कल्याण अधिकारी अल्पसंख्य कल्याण अधिकारी निलंबित किए गए थे। उप निदेशक पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग दो नायब तहसीलदार और एक तहसीलदार पर अभी कार्रवाई होनी है।

कानपुर। पारिवारिक लाभ योजना में हुए फर्जीवाड़ा, घोटाले में बदलने से पहले ही पकड़ में आया गया। 155 अपात्र योजना का 30-30 हजार रुपये नहीं पा सके। अब उन्हें पात्र बनाने वालों पर कार्रवाई की तैयारी है। ऐसे पंचायत सचिव, खंड विकास अधिकारी, लेखपाल, कानूनगो, तहसीलदार, नायब तहसीलदार पर कार्रवाई होगी जिन्होंने अपात्रों को पात्र मानकर रिपोर्ट भेज दी और पूर्व में हुए घोटाले से कोई सबक नहीं लिया। मुख्य विकास अधिकारी डा. महेंद्र कुमार ने ऐसे कर्मचारियों की सूची तलब की है। अब समाज कल्याण अधिकारी उनकी सूची भेजेंगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत 258 अपात्रों को पात्र बनाने वाले कर्मचारियाें के विरुद्ध भी मुकदमा होगा।

शादी अनुदान और पारिवारिक लाभ योजना में पांच करोड़ रुपये का घोटाला हुआ था। इस घोटाले में समाज कल्याण अधिकारी, अल्पसंख्य कल्याण अधिकारी निलंबित किए गए थे। उप निदेशक पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग , दो नायब तहसीलदार और एक तहसीलदार पर अभी कार्रवाई होनी है। अभी इस घोटाले को उजागर हुए तीन माह से ज्यादा समय भी नहीं ह़ुआ है, लेकिन अफसरों और कर्मचारियों ने इसको भुला दिया। परिणाम स्वरूप उन्होंने बड़े पैमाने पर अपात्रों को पात्र बनाया। फर्जीवाड़े के शक में ही समाज कल्याण अधिकारी प्रज्ञा पांडेय ने जांच कराई और फर्जीवाड़ा पकड़ में आ गया। उनसे सीडीओ डा. महेंद्र कुमार ने पूरी रिपोर्ट मांगी है और कहा है कि तत्काल दोषियों का नाम दें ताकि उनके विरुद्ध कार्रवाई की जा सके। इस मामले में जो भी कर्मचारी दोषी हैं उनके विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी की जाएगी। इसके साथ ही डीएम विशाख जी अय्यर ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना में हुए फर्जीवाड़े में भी दोषी अधिकारियों के विरुद्ध मुकदमा कराने के लिए प्रक्रिया शुरू करने को कहा है। ताकि भविष्य में किसी योजना में घोटाला न हो।