मध्यप्रदेश के भोपाल से शुरू होगी अंतरराष्‍ट्रीय उड़ानें, एयरपोर्ट पर खुलेंगे इमिग्रेशन काउंटर

 

मध्यप्रदेश के भोपाल से शुरू होगी अंतरराष्‍ट्रीय उड़ानें, एयरपोर्ट पर खुलेंगे इमिग्रेशन काउंटर
राजा भोज एयरपोर्ट पर डीवीओआर नामक उपकरणों की स्थापना का काम पूरा हो गया है। इसकी मदद से खराब मौसम में विमान को लैंडिंग के लिए दिशा निर्देश दिए जाते हैं ताकि सुरक्षित लैंडिंग हो सके। डीवीओआर को डॉप्लर हाई फ्रिक्वेंसी ओमनी रेंज भी कहा जाता है।

भोपाल । मध्यप्रदेश के भोपाल से अंतरराष्‍ट्रीय उड़ानें शुरू होने से पहले इमिग्रेशन काउंटर खोले जाएंगे। नागरिक उड्डयन विभाग नोटिफाइड कस्टम चेक पोस्ट खोलने की सैद्धांतिक सहमति दे चुका है, लेकिन कोरोना संकट के कारण यह काम नहीं हो पा रहा था। अब फिर से यह काम होने की उम्मीद बंधी है।

मालूम हो कि यहां सुरक्षा जांच एवं ड्यूटी फ्री शॉप, स्मोकिंग जोन एवं शापिंग एरिया विकसित करने की जगह भी रखी गई है। एयरपोर्ट डायरेक्टर ने टीम को यहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी। कस्टम टीम ने इस पर संतोष प्रकट किया। कस्टम टीम ने राजा भोज एयरपोर्ट के प्रथम तल पर अंतरराष्‍ट्रीय उड़ान सेवाओं के लिए आरक्षित जगह का अवलोकन किया। एयरपोर्ट अथारिटी ने सन 2011 में नए एकीकृत टर्मिनल भवन के साथ ही इंटरनेशनल विंग का निर्माण कर लिया था। संभावित अंतरराट्रीय उड़ान आगमन एवं प्रस्थान क्षेत्र विकसित करने पर भी विचार किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान कस्टम चेक पोस्ट बनाने की सहमति बनी।जानकारी के अनुसार दो साल पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय की इमिग्रेशन सेक्शन एवं नागरिक उड्डयन मंत्रालय की एक टीम ने एयरपोर्ट का निरीक्षण कर कस्टम चैक पोस्ट के लिए प्रस्तावित स्थान का निरीक्षण किया। एयरपोर्ट अथारिटी ने पिछले आठ इमीग्रेशन कांउटर खोलने की स्वीकृति दी थी। इसके लिए प्रथम तल पर जगह आरक्षित कर ली गई। टीम की स्वीकृति के बाद प्रारंभिक काम भी शुरू हुआ, लेकिन अचानक इसे बंद कर दिया। अब फिर से काम शुरू होने की उम्मीद बंधी है।

उधर, राजा भोज एयरपोर्ट पर डीवीओआर नामक उपकरणों की स्थापना का काम पूरा हो गया है। इसकी मदद से खराब मौसम में विमान को लैंडिंग के लिए दिशा निर्देश दिए जाते हैं ताकि सुरक्षित लैंडिंग हो सके। डीवीओआर को डॉप्लर हाई फ्रिक्वेंसी ओमनी रेंज भी कहा जाता है। यह एक इलेक्ट्रानिक उपकरण है। उड़ान जैसे ही विमान क्षेत्र में प्रवेश करेगी यह उपकरण चालक दल को सिग्नल देना शुरू कर देगा। लैंडिंग रेंज में आते ही विमान को सुरक्षित क्षेत्र की तरफ जाने का सिग्नल मिलेगा। एटीसी से अनुमति मिलने के बाद पायलट सिग्नल वाले क्षेत्र में विमान लैंड कर सकेंगे। इन उपकरणों का परीक्षण करने के लिए मंगलवार को एक विशेष विमान दिल्ली से भोपाल पहुंचा। चालक दल ने टेस्टिंग सिग्नल की मदद से विमान लैंड किया। एयरपोर्ट डायरेक्टर केएल के अनुसार परीक्षण सफल रहा।

जानकारी हो की अंतरराष्‍ट्रीय उड़ान सेवाओं की शुरूआत दुबई उड़ान से हो सकती है। एयर इंडिया की दुबई उड़ान बंगलुरु से इंदौर होते हुए दुबई जाती है। इस उड़ान को सप्ताह में दो या तीन वाया भोपाल चलाया जा सकता है। भोपाल से दुबई एवं सिंगापुर उड़ान की मांग लंबे समय से की जा रही है। दुबई तक उड़ान को अपेक्षित यात्री भी मिल सकते हैं।