कुमार विश्वास ने बताया कि संस्कृत में भषण और भाषण के बीच क्या है अंतर, आप भी जानें

 

अपनी कवि कुटीर में रचित रचनाओं से भी रूबरु कराते रहते हैं।
देश दुनिया के जाने-माने कवि कुमार विश्वास अक्सर अपने इंटरनेट मीडिया एकाउंट के जरिए आम लोगों को कुछ न कुछ जानकारी देते रहते हैं। अपनी कविताओं के माध्यम से लोगों का मनोरंजन भी करते रहते हैं। अपनी कवि कुटीर में रचित रचनाओं से भी रूबरु कराते रहते हैं।

नई दिल्ली। देश दुनिया के जाने-माने कवि कुमार विश्वास अक्सर अपने इंटरनेट मीडिया एकाउंट के जरिए आम लोगों को कुछ न कुछ जानकारी देते रहते हैं। अपनी कविताओं के माध्यम से लोगों का मनोरंजन भी करते रहते हैं। अपनी कवि कुटीर में रचित रचनाओं से भी रूबरु कराते रहते हैं। इसके अतिरिक्त जब किसी विषय विशेष पर तर्क और बहस का सिलसिला शुरू होता है तो वो उसमें भी हिस्सा लेते हैं और ज्ञान देते हैं।\फिलहाल उन्होंने संस्कृत में भषण और भाषण का भेद बताया है। अपने ट्विटर हैंडल पर उन्होंने लिखा कि संस्कृत में “भषण” भौंकने को कहते हैं। यानि “भाषण” से “अनुशासन” का डंडा “ा” हटते ही “भाषण” ‘भषण’ में बदल जाता है।

इससे पहले एक ट्वीट में उन्होंने श्रीजयप्रकाश नारायण जी के जन्मदिन पर ट्वीट किया था उसमें लिखा था कि सत्ता के अहंकार को जनशक्ति से परिचित कराने के लिए आपके द्वारा किया गया कठोर संघर्ष, लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए लड़ रहे योद्धाओं को सात्विक प्रकाश देता रहेगा “है ‘जयप्रकाश’ वह नाम जिसे इतिहास समादर देता है, बढ़ कर जिसके पद-चिह्नों को उर पर अंकित कर लेता है।

कुमार विश्वास एक जनसरोकारी कवि कहे जाते हैं, वो अपनी कविताओं के माध्यम से लोगों को जागरूक करते रहते हैं। उनके ट्विटर हैंडल को देखें तो ऐसे तमाम ट्वीट देखने को मिल जाएंगे। इससे पहले उन्होंने एक ट्वीट किया था जिसमें राजस्थान में प्रदूषण पर नियंत्रण करने वाली एक गाड़ी ही प्रदूषण फैलाती हुई सड़क पर जा रही थी, उस गाड़ी से निकलते हुए धुएं को देखकर उन्होंने लिखा था कि कीड़े मारने की दवा में कीड़े पड़ गए।