श्रीलंका ने विदेशियों और दोहरी नागरिकता वाले लोगों के लिए कोरोना गाइडलाइंस में दी छूट

 

श्रीलंका ने विदेशी लोगों में कोरोना गाइडलाइंस में दी छूट।(फोटो: दैनिक जागरण)
श्रीलंकाई अधिकारियों ने कहा कि विदेशी नागरिकों और विदेशी पासपोर्ट रखने वाले दोहरे नागरिकों को अब स्थानीय नागरिक उड्डयन प्राधिकरण और विदेश मंत्रालय से कोविड -19 महामारी में ढील के बाद देश में आने के लिए अनुमोदन प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं होगी।

कोलंबो, आइएएनएस। श्रीलंका ने विदेशी नागरिकों और दोहरी नागरिकता रखना वाले लोगों के लिए कोराना नियमों में छूट देने का फैसला किया है। श्रीलंकाई अधिकारियों ने सोमवार को कहा कि कोवि़ड-19 महामारी में राहत मिलने के मद्देनजर विदेशी नागरिकों और विदेशी पासपोर्ट धारक दोहरी नागरिकता वाले लोगों के लिए दिशानिर्देशों में ढील दी गई है। ऐसे लोगों को देश में आने के लिए अब स्थानीय नागरिक उड्डयन प्राधिकरण और विदेश मंत्रालय से मंजूरी लेने की आवश्यकता नहीं होगी।

श्रीलंका के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक असेला गुणवर्देना ने एक नए परिपत्र में कहा कि कोरोना महामारी के दौरान विदेशी नागरिकों और दोहरी नागरिकता रखने वाले लोगों को देश में आने के लिए इन दो संस्थानों से मंजूरी लेन की अनिवार्यता थी लेकिन अब महामारी से राहत मिलने के मद्देनजर विदेशों से आने वाले यात्रियों के लिए क्वारंटीन उपायों में संशोधन करते हुए इस अनिवार्यता को तत्काल प्रभाव से रद कर दिया गया है।

भारत और श्रीलंका ने आतंकवाद निरोधक सहयोग बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करते हुए पूर्वी श्रीलंकाई जिले अंपारा के कॉम्बैट ट्रेनिंग स्कूल में 12 दिन का सैन्याभ्यास शुरू किया। श्रीलंका की सेना ने कहा कि ‘मित्र शक्ति’ अभ्यास का आठवां सत्र चार अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक चलेगा। इसमें कर्नल प्रकाश कुमार के नेतृत्व में भारतीय सेना के 120 सशस्त्र जवानों की टुकड़ी भाग ले रही है।

उसने कहा कि दो या अधिक देशों के बीच आतंकवाद, परस्पर अभियान संबंधी कौशल, संयुक्त रणनीतिक अभ्यासों के आयोजन और एक दूसरे के सर्वश्रेष्ठ अनुभवों को साझा करने पर समझ बढ़ाने के लिए संयुक्त सैन्य अभ्यास की योजना तैयार की गयी।

सेना ने कहा कि भारतीय सैनिक शनिवार को भारतीय वायु सेना के विमान से यहां पहुंचे। यह वार्षिक प्रशिक्षण कार्यक्रम हर साल भारत या श्रीलंका में होता है। श्रीलंका में अप्रैल 2019 में बड़ी संख्या में बम विस्फोट हुए थे जिनमें 300 से अधिक लोग मारे गये थे। विस्फोटों की पृष्ठभूमि में भारत और श्रीलंका ने आतंकवाद निरोधक सहयोग को बढ़ाया। मित्र शक्ति सैन्याभ्यास का सातवां सत्र 2019 में पुणे में आयोजित किया गया था।