रेलवे ट्रैक के किनारे मिला था युवक-युवती का शव, दूसरे दिन हुई शिनाख्त

 

रेलवे ट्रैक के किनारे मिला था युवक-युवती का शव, दूसरे दिन हुई शिनाख्त। प्रतीकात्‍मक फोटो

पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के चैनपुरवा ओवर ब्रिज के नीचे डाउन रेल ट्रैक के अगल बगल एक युवक और युवती का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर दोनों शव की शिनाख्त का प्रयास कियामगर रात में शिनाख्त नहीं हो पाई।

गोरखपुर,  संवाददाता। पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के चैनपुरवा ओवर ब्रिज के नीचे डाउन रेल ट्रैक के अगल बगल एक युवक और युवती का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर दोनों शव की शिनाख्त का प्रयास किया,मगर रात में शिनाख्त नहीं हो पाई। 25 अक्‍टूबर को सुबह युवक के भाई और युवती के पिता ने थाने पर पहुंचकर शवों की शिनाख्त की।

एक ही गांव के रहने वाले हैं युवक और युवती

चौकी प्रभारी प्लास्टिक कांपलेक्स सुरेंद्र प्रसाद ने बताया कि युवक की पहचान 19 वर्षीय धीरज पुत्र रामजीत निवासी धमौरा थाना पुरानी बस्ती के रूप में हुई, जबकि युवती की पहचान भी इसी गांव के 18 वर्षीय शिल्पी जैसवार पुत्री उमा प्रसाद गौतम के रूप में हुई। दोनों एक ही जाति के थे।

24 अक्‍टूबर की शाम से लापता थे दोनों

बताया कि परिवार के लोगों से पूछताछ के दौरान पता चला कि युवक और युवती दोनो 24 अक्‍टूबर की शाम से घर से गायब हो गए थे। दोनो के बीच प्रेम संबंध की बात पर युवक और युवती दोनो के परिवार वाले खुलकर बोलने को कुछ तैयार नहीं हैं। वहीं गांव में इस बात की चर्चा है कि दोनो आपस में एक दूसरे से प्यार करते थे। जिस तरह दोनो के शव रेल ट्रैक की पटरी के अगल बगल मिले इससे लगता है कि दोनो साथ थे।

पुलिस मान रही है खुदकुशी का मामला

प्रभारी निरीक्षक ब्रजेंद्र पटेल ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। घटना के संबंध में दोनो के परिवार वालों से पूछताछ की गई है। मौत का सही कारण जानने के लिए शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।

इंटरनेट मीडिया से हुई घटना की जानकारी

मृतक युवक और युवती के परिवार वालों ने बताया कि घटना की जानकारी उन्हें सोमवार को इंटरनेट मीडिया पर चल रही खबर से हुई। दिवंगत युवती की मां पिछले एक माह से अपने मायके गोंडा जिले के घुसवा गांव में है। पिता उमा प्रसाद पीआरडी के जवान हैं। दिवंगत शिल्पा, पिता उमा प्रसाद व छोटे भाई मोहित के साथ घर रहती थी। पिता उमा प्रसाद ड्यूटी करने चले जाते थे जबकि भाई मोहित गांव के प्राइमरी स्कूल में पढ़ने चला जाता था। वहीं दिवंगत धीरज चार भाइयों में सबसे छोटा था। बड़ा भाई अजय शादीशुदा है। उसके बाद अमर, बंटी व सबसे छोटा धीरज था। भाभी पूनम ने बताया कि उनका देवर धीरज शाम छह बजे तक घर के बाहर चारपाई पर था। उनका सिर दर्द कर रहा था। ऐसे में वह घर में लेटी थी। देर रात उनके पति मजदूरी करके लौटे पति व अन्य देवरों ने घर से गायब धीरज को ढूंढने लगे। पूनम ने बताया कि उनके देवर ने अपने प्रेम संबंध के बारे में कभी नहीं बताया।