केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा से इस्तीफा ले मोदी सरकार : सपरा

 

पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच तब तक नहीं करेगी, जब तक केंद्रीय गृह राज्यमंत्री से इस्तीफा नहीं ले लिया जाता।
एक दिवसीय दौरे पर जम्मू पहुंचे सपरा ने शहीदी चौक स्थित पार्टी मुख्यालय पर पत्रकारों को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि लखीमपुर में किसानों की हत्या की गई। इससे पूरा देश चिंतित है।कांग्रेस की नेता प्रियंका गांधी को पीड़ित परिवार से मिलने नहीं दिया गया।

जम्मू, राज्य ब्यूरो : अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता चरण सिंह सपरा ने उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में किसानों की मौत के मामले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अपील की है कि केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा से इस्तीफा लिया जाए। किसानों की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार किया जाए। एक दिवसीय दौरे पर जम्मू पहुंचे सपरा ने शहीदी चौक स्थित पार्टी मुख्यालय पर पत्रकारों को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि लखीमपुर में किसानों की हत्या की गई। इससे पूरा देश चिंतित है।

कांग्रेस की नेता प्रियंका गांधी को पीड़ित परिवार से मिलने नहीं दिया गया। प्रियंका गांधी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस इस मामले की निष्पक्ष जांच तब तक नहीं करेगी, जब तक केंद्रीय गृह राज्यमंत्री से इस्तीफा नहीं ले लिया जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को कुचलने की राजनीति चल रही है। इस समय पूरे देश के किसान परेशान हैं। उन्होंने महंगाई, अर्थव्यवस्था और बेरोजगारी के मुद्दे पर केंद्र को घेरते कहा कि देश की अर्थव्यवस्था बहुत कमजोर हो गई है। दो साल में 14 करोड़ युवा बेरोजगार हो गए हैं। डेढ़ करोड़ छोटे उद्योग बंद हो गए हैं। महंगाई ने सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं। पेट्रोल व डीजल के दाम में बढ़ोतरी हो रही है।उन्होंने कश्मीर में गत दिवस तीन लोगों की हत्याएं किए जाने की घटना की निंदा करते हुए कहा कि सुरक्षा बल कार्रवाई करते आ रह हैं और करते रहेंगे। इस बीच सपरा ने बुधवार को जम्मू पहुंचते ही पार्टी मुख्यालय जाकर वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की। उन्होंने पूर्व मंत्री रमण भल्ला, मुलाराम, योगेश साहनी, रविंद्र शर्मा व अन्य नेता बैठक में शामिल हुए। सपरा ने कहा कि कांग्रेस की तरफ से किसानों, महंगाई, बेरोजागरी समेत अन्य ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा की। मुख्य प्रवक्ता रविंद्र शर्मा ने कहा कि देश में किसानों के साथ अन्याय किया जा रहा है। कांग्रेस किसानों के साथ है।