ईएसआइ कार्डधारकों के साथ डाक्टर और फार्मासिस्ट का करोड़ों रुपये की दवा का फर्जीवाड़ा, ऐसे खुली पोल

 

2018 से कर रहे थे फर्जीवाड़ा, करोड़ों रुपये की दवाएं बेच चुके हैं।

दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने डाक्टर व फार्मासिस्ट सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। ये लोग मरीजों को बिना वजह दवाएं लिखकर ईएसआइ की डिस्पेंसरी से मंगवाते थे। इसके बाद इन दवाओं को मेडिकल स्टोर पर सप्लाई करते थे।

नई दिल्ली,  संवाददाता। ईएसआइ कार्डधारकों के इलाज के नाम पर फर्जीवाड़ा कर करोड़ों रुपये की दवाएं बेचने के मामले में दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने डाक्टर व फार्मासिस्ट सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। ये लोग मरीजों को बिना वजह दवाएं लिखकर ईएसआइ की डिस्पेंसरी से मंगवाते थे। इसके बाद इन दवाओं को मेडिकल स्टोर पर सप्लाई करते थे। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान ग्रेटर नोएडा निवासी डा. अविनाश सैनी, हरियाणा के फरीदाबाद स्थित ग्रीन फील्ड निवासी फार्मासिस्ट चंद्र प्रकाश, अंकित मिश्रा व दवाओं के दो खरीदार प्रवीन मंगला और सुमेश राठी के तौर पर हुई है। इनमें डा. अविनाश ओखला स्थित ईएसआइ डिस्पेंसरी जबकि चंद्र प्रकाश व अंकित मिश्रा तिगड़ी स्थित ईएसआइ डिस्पेंसरी में तैनात था।

अपराध शाखा के उपायुक्त राजेश देव के मुताबिक, सूचना मिली कि कुछ लोग ईएसआइ डिस्पेंसरी की दवाएं चोरी करके उन्हें मेडिकल स्टोर पर बेच रहे हैं। इसमें डिस्पेंसरी के डाक्टर व फार्मासिस्ट भी शामिल हैं। सूचना के बाद इंस्पेक्टर नरेश सोलंकी और एसआइ कृष्ण कुमार की टीम का गठन किया गया। पहले पुलिस टीम ने बदरपुर इलाके से दवाएं बेचते हुए चंद्र प्रकाश और प्रवीन मंगला को गिरफ्तार किया। इनके पास से लाखों रुपये की दवाइयां बरामद की गई।

जांच में पता चला कि सभी दवाइयां ईएसआइ कार्ड धारकों को जारी की हुई दिखाई गई थीं। कुछ मामलों में कार्ड धारक डिस्पेंसरी आए ही नहीं थे, लेकिन उनके नाम पर दवाई जारी की गई थी। वहीं कुछ मामलों में डिस्पेंसरी आए मरीजों को उन दवाइयों को लिखा गया था, जिनकी उन्हें जरूरत ही नहीं थी। आरोपित डाक्टर और फार्मासिस्ट से पूछताछ के बाद पुलिस ने अविनाश, सुमेश राठी और अंकित मिश्रा को भी गिरफ्तार कर लिया है।