प्रोफेसर ने बनाई घर पेंट करने वाली स्मार्ट सेंस व्हाइटवाश डिवाइस, खासियत जानकर आप भी कहेंगे 'वाह'

 

होगी रंगों की बौछार, खिल उठेगी दीवार

गौतमबुद्ध नगर स्थित आइटीएस कालेज के प्रोफेसर महिप सिंह ने दीवारों पर रंग-रोगन करने के लिए स्मार्ट सेंस व्हाइटवाश डिवाइस बनाई है। इससे तमाम समस्याएं दूर हो जाएंगी। इससे दीवारों को रंगते वक्त रंग इधर-उधर नहीं गिरता। रंगों में होने वाले रसायन से नुकसान का खतरा भी नहीं रहता है।

ग्रेटर नोएडा। दीवारें बोलती हैं। इनकी बोली घर और उस स्थान के सुकून की बानगी होती है। लेकिन, घरों में पेंट कराना बहुत झंझट वाला काम होता है। समय तो जाया होता ही है, रंग की बर्बादी भी खूब होती है। अब ऐसी शिकायत नहीं रहेगी। एक ऐसा उपकरण तैयार हो गया है, जिससे रंग-रोगन तो आकर्षक होगा ही, इसमें रंग की बर्बादी भी नहीं होगी। गौतमबुद्ध नगर स्थित आइटीएस कालेज के प्रोफेसर महिप सिंह ने दीवारों पर रंग-रोगन करने के लिए स्मार्ट सेंस व्हाइटवाश डिवाइस बनाई है। इससे तमाम समस्याएं दूर हो जाएंगी।इससे दीवारों को रंगते वक्त रंग इधर-उधर नहीं गिरता। रंगों में होने वाले रसायन से नुकसान का खतरा भी नहीं रहता है। इसका रोलर इस तरह है कि एक बार में अधिक जगह को कवर कर सकेगा।

इस उपकरण का पेटेंट करा चुके प्रोफेसर महिप बताते हैैं कि अपने घर पर पेंट करा रहे थे। कर्मचारियों ने रोलर से दीवारों में रंग किया। इस दौरान रंग के काफी छींटे जमीन पर गिरे। रंग का नुकसान तो हुआ ही, गंदगी भी ज्यादा हुई। छत की रंगाई के दौरान समय अधिक लगा। साथ ही कर्मचारी के शरीर पर रंग के छींटे पड़े। सफाई करने में मेहनत लगी सो अलग। रंग में कैल्शियम कार्बोनेट, लेड और अन्य केमिकल मिले होते हैं। यह केमिकल रंगाई करने वाले व्यक्ति के शरीर को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाते हैं। इसके बाद ही रंगाई के लिए डिवाइस बनाने का विचार आया।

दो पार्ट में है डिवाइस

डिवाइस दो पार्ट में है। स्मार्ट स्प्रेयर यूनिट और स्मार्ट मिक्सिंग यूनिट। स्मार्ट स्प्रेयर यूनिट में फोल्डिंग राड लगी है। इस राड की लंबाई पांच फीट तक बढ़ सकती है। ऊपर के हिस्से में चार नोजल लगे हैं। इससे दीवारों पर रंग का स्प्रे होता है। एक बार में दीवार के तीन फीट हिस्से पर रंग का छिड़काव होता है। प्लेट में ही अल्ट्रासोनिक सेंसर लगा है। इसकी मदद से स्प्रे नोजल व दीवार के बीच की दूरी हर पल समान बनी रहती है। नोजल व दीवार के बीच की दूरी 20-24 इंच के बीच रहती है।

काम करने के दौरान यदि दूरी कम या ज्यादा होती है तो सेंसर से बीप की आवाज आने लगती है। स्मार्ट मिक्सिंग यूनिट में दो बाक्स पांच-पांच लीटर के लगाए गए हैं। दोनों बाक्स एक पाइप से जुड़े हैं। एक बाक्स में रंग व दूसरे में पानी होता है। माइक्रो कंट्रोलर के माध्यम से यह निर्धारित कर सकते हैं कि रंग में कितना पानी मिलाना है। यूनिट में ही एक प्रेशराइज्ड मोटर लगाई गई है। दोनों बाक्स के पाइप को मोटर से जोड़ते हुए स्मार्ट स्प्रेयर यूनिट में जोड़ा गया है। जिसके माध्यम से रंग नोजल के माध्यम से दीवारों पर पहुंचता है।

दो कंपनियों से चल रही है वार्ता

आइटीएस कालेज के प्रोफेसर महिप ने बताया कि रोलर से एक सामान्य कमरे की रंगाई करने में लगभग दो दिन का समय लगता है। तैयार यूनिट से रंगाई करने में तीन से चार घंटे ही लगते हैं। पेटेंट कराने के बाद स्टार्टअप कंपनी बनाने की तैयारी है। बड़े स्तर पर तैयार करने में एक यूनिट चार हजार तक में तैयार हो जाएगी। स्टार्टअप के लिए पेंट तैयार करने वाली पांच कंपनियों से वार्ता चल रही है। दो कंपनी में प्रजेंटेशन दिया है, अन्य में भी जल्द दिया जाएगा। इसके बाद आगे की वार्ता होगी।

नेरोलैक पेंट्स के मैनेजर अंशुल शर्मा ने कहा कि तैयार प्रोजेक्ट से रंगाई में समय कम लगेगा। साथ ही, रंगाई में एकरूपता भी भी दिखेगी। उपयोग के हिसाब से मशीन की लागत भी कम है। पेंट के लिए तैयार मशीन काफी उपयोगी है।