कौन हैं किसान आंदोलन में शामिल इंद्रपाल सिंह, जो बन गए यूपी सरकार में अधिकारी

 

जानिये- कौन हैं किसान आंदोलन में शामिल इंद्रपाल सिंह, जो बन गए यूपी सरकार में अधिकारी
किसान आंदोलन में शामिल इंद्रपाल सिंह नाम के शख्स ने गाजीपुर बार्डर पर टेंट पर बैठकर पढ़ाई की। इसका नतीजा यह निकला कि उन्होंने यहां पर रहकर जमकर तैयारी की और फिर उनका चयन यूपीपीसीएस में हो गया।

नई दिल्ली/गाजियाबाद,  डिजिटल डेस्क। तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों के विरोध में यूपी, पंजाब और हरियाणा के किसानों के आंदोलन को 11 महीने पूरे हो गए हैं। इस बीच दिल्ली-यूपी के गाजीपुर बार्डर पर चल रहे किसानों के आंदोलन से अच्छी खबर भी आ रही है। किसान आंदोलन में शामिल इंद्रपाल सिंह नाम के शख्स ने गाजीपुर बार्डर पर टेंट पर बैठकर पढ़ाई की। इसका नतीजा यह निकला कि उन्होंने यहां पर रहकर जमकर तैयारी की और फिर उनका चयन यूपीपीसीएस में हो गया। फिलहाल वह यूपी सरकार में असिस्टेंट कमिश्वर बनाए गए हैं। फिलहाल इंद्रपाल सिंह दो साल तक प्रोविजनल पीरियड पर हैं। 

बिल के प्रति लोगों को करेंगे जागरूक

इंद्रपाल सिंह की मानें तो अधिकारी बनने के बाद अब वह व्यवस्था का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि चयनित होने के बाद वह कभी आंदोलन में शामिल नहीं हुए। इंद्रपाल सिंह ने यह भी कहा कि पहले वह खुद तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों के बारे में जानकारी हासिल करेंगे। इसके बाद इसके फायदे के बारे में बताएंगे। इसके बाद वह सभी को जागरूक भी करेंगे। 

दिल्ली से सटे कोशांबी के रहने वाले हैं इंद्रपाल

गाजियाबाद के कोशांबी के रहने वाले इंद्रपाल सिंह पिछले कुछ महीनों के दौरान किसान आंदोलन की गतिविधियों में शामिल होते रहे। उनकी सबसे अच्छी बात यह है कि खाली समय में इंद्रपाल अपनी परीक्षा की तैयारी करते और यहां पर मौजूद बच्चों को भी पढ़ाते।

टेंट में बैठकर पढ़ते थे इंद्रपाल

कुछ समय तक यूपी गेट पर चल रहे आंदोलन में शामिल इंद्रपाल सिंह टेंट में बैठकर पढ़ाई किया करते थे। उन्होेंने 6 महीने से अधिक का समय इसी टेंट में बिताया फिर यूपीपीसीएस के तहत चयन हो गया। फिलहाल वह दो साल के प्रोविजन पीरियड पर हैं, उसके बाद वह असिस्टेंट कमिश्नर बनेंगे।

कभी हिंसक प्रदर्शन में शामिल नहीं होने वाले इंद्रपाल की मानें तो वह किसान आंदोलन जरूर शामिल रहे, लेकिन हिंसक प्रदर्शन नहीं किया। इसके साथ यहां पर रहने के दौरान सिर्फ पढ़ाई की। इस दौरान यहां पर आने वाले बच्चों को भी पढ़ाया।

कूड़ा बीनने वालों के बच्चे पढ़ते हैं यूपी गेट पर

गौरतलब है कि तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर दिल्ली-यूपी के गाजीपुर बार्डर पर किसानों के धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे भारतीय किसान यूनियन राकेश टिकैत भी बच्चों को अक्सर पढ़ाते हैं। गाजीपुर बार्डर पर  कई बार राकेश टिकैत  भी कूड़ा बीनने वालों के बच्चों को बड़ी तल्लीनता के साथ पढ़ाते नजर आ चुके हैं।