केरल सरकार के निजी प्रयोगशालाओं में आरटी-पीसीआर टेस्ट रेट नहीं होगे कम, हाई कोर्ट ने आदेश को किया रद्द

 


केरल सरकार के निजी प्रयोगशालाओं में आरटी-पीसीआर टेस्ट रेट नहीं होगे कम, हाई कोर्ट ने आदेश को किया रद्द
केरल आई कोर्ट ने राज्य सरकार के निजी प्रयोगशालाओं में आरटी-पीसीआर टेस्ट रेट को कम करने के आदेको रद कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक टेस्ट का रेट 1700 रुपये से घटाकर 500 रुपये करने की योजना बनाई गई थी।

कोच्चि, एएनआइ। केरल आई कोर्ट ने राज्य सरकार के निजी प्रयोगशालाओं में आरटी-पीसीआर टेस्ट रेट को कम करने के आदेश को रद कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, टेस्ट का रेट 1,700 रुपये से घटाकर 500 रुपये करने की योजना बनाई गई थी। इसके बाद मामला कोर्ट में पहुंचने के बाद यह फैसला सुनाया गया है।

हाई कोर्ट ने आदेश को लागू नहीं करने वालों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू करने के आदेश को भी रद्द कर दिया। बता दें कि मई में, केरल सरकार ने राज्य में आरटी-पीसीआर परीक्षण दरों को 1700 रुपये से घटाकर 500 रुपये करने का आदेश जारी किया था।

इसके बाद आज न्यायमूर्ति टीआर रवि की पीठ ने राज्य सरकार को निजी प्रयोगशालाओं के मालिकों और प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श करने और इस संबंध में एक नया निर्णय लेने का भी निर्देश दिया। अदालत का फैसला मान्यता प्राप्त परीक्षण प्रयोगशालाओं और देवी स्कैन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर याचिकाओं पर आया है। जिसमें आदेश को रद्द करने की मांग की गई थी। याचिका में कहा गया है कि 'राज्य सरकार के पास निजी प्रयोगशालाओं में परीक्षण के लिए दर तय करने का आदेश जारी करने का कोई अधिकार नहीं है।'

जानें- और क्या बोला हाई कोर्ट

बता दें कि वर्तमान मानदंडों और गुणवत्ता मानकों के अनुसार आरटी-पीसीआर परीक्षण करने की औसत लागत लगभग 1500 रुपये प्रति परीक्षण है। इसके साथ ही कहा गया कि मौजूदा दरों में कोई भी संशोधन आरटी-पीसीआर परीक्षण की गुणवत्ता को हानिकारक रूप से प्रभावित करेगा। निजी प्रयोगशालाओं के ग्राहक ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्हें विदेश यात्रा करनी है या जो निजी अस्पतालों में सर्जरी और आपरेशन से गुजरना चाहते हैं। इन दोनों मामलों में, परीक्षणों की सटीकता को किसी भी दर से कम नहीं किया जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि बाजार में सस्ती परीक्षण किट उपलब्ध हैं, लेकिन वे सटीक परिणाम नहीं दे सकते हैं।