तेलंगाना-छत्तीसगढ़ सीमा क्षेत्र में सुरक्षा बलों और उग्रवादियों के बीच मुठभेड़, तीन नक्सली मारे गए

 

तेलंगाना-छत्तीसगढ़ सीमा क्षेत्र में सुरक्षा बलों और उग्रवादियों के बीच मुठभेड़, तीन नक्सली मारे गए
तेलंगाना-छत्तीसगढ़ सीमा क्षेत्र में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच चल रही मुठभेड़ में सुरक्षा बल को बड़ी कामयाबी मिली है। इस दौरान नक्सल एनकाउंटर में सुरक्षा बलों ने तीन माओवादी को मार गिराया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटना मुलगु जिले की है।

हैदराबाद, पीटीआइ। तेलंगाना-छत्तीसगढ़ सीमा क्षेत्र में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच चल रही मुठभेड़ में सुरक्षा बल को बड़ी कामयाबी मिली है। इस दौरान नक्सल एनकाउंटर में सुरक्षा बलों ने तीन माओवादी को मार गिराया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटना मुलगु जिले की है।

नक्सल एनकाउंटर का पूरा ब्यौरा

आज सुबह तीन बजे तेलंगाना के मुलुगु जिले और छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के सीमावर्ती इलाके में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच अचानक से गोलाबारी शुरू हुई और यह मुठभेड़ करीब दो घंटे तक जारी रही, जिसमें तीन माओवादी को सुरक्षा बलों ने मार गिराया। साथ ही एक एके-47 राइफल सहित कुछ हथियार भी बरामद किए गए हैं। 

मारे गए तीनों माओवादी नक्सलियों के थे बड़े लीडर

माना जा रहा है कि मारे गए तीनों माओवादी नक्सलियों के बड़े लीडर थे। फिलहाल मारे गए नक्सलियों की स्पष्ट पहचान नहीं हुई है। तेलंगाना पुलिस बरामद किए गए हथियार और मारे गए नक्सलियों की शिनाख्त में जुटी हुई है। पुलिस ने कहा है कि पूरी जानकारी के लिए अभी थोड़ी प्रतीक्षा करनी होगी।

नक्सलियों के खिलाफ जारी रहेगा सुरक्षा बलों का संयुक्त अभियान

तेलंगाना के मुलुगु जिले के छत्तीसगढ़ पुलिस और सीआरपीएफ द्वारा नक्सलियों के खिलाफ एक संयुक्त अभियान चलाया गया था, जिसमें सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। हालांकि, तीन नक्सल एनकाउंटर के बाद अब सुरक्षाबल रुकने वाले नहीं है, उन्होंने कहा है कि इस अभियान को जारी रखा जाएगा और प्रदेश से नक्सलियों का सफाया किया जाएगा। सुरक्षा बल पूरी तरह से तैयार है।

वहीं तेलंगाना और उत्तराखंड देश के पहले ऐसे राज्य बन गए हैं, जहां दूरदराज के स्थानों से साक्ष्य रिकार्ड करने की अनुमति देने के लिए अदालत की मोबाइल इकाइयां शुरू की गई हैं। साक्ष्य रिकार्ड करने की सुविधा देने के लिए यह व्यवस्था शुरू की गई है।

इसका उद्देश्य जरूरत के अनुसार महिलाओं और बाल पीड़ितों या गवाहों, चिकित्सकों और चिकित्सा पेशेवरों तथा जांच अधिकारियों के साक्ष्य की रिकार्डिंग की अनुमति देना है। मोबाइल अदालत इकाई की सुविधा अधीनस्थ न्यायालयों के लिए है।