लखीमपुर मामले पर सरकार की घेरेबंदी को तैयार विपक्ष, छत्तीसगढ़ और दिल्ली के मुख्यमंत्रियों ने की निंदा

 

मायावती बोलीं घटना का संज्ञान ले सुप्रीम कोर्ट
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सोमवार को लखीमपुर खीरी (उत्तर प्रदेश) जाएंगे। उप्र विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव पर्यवेक्षक बनाए जाने के बाद यह उनकी पहली यात्रा होगी। बघेल ने बताया कि वह लखीमपुर में दिवंगत किसानों के स्वजन और घायलों से मिलेंगे।

नई दिल्ली, किसान आंदोलन को लेकर भाजपा पर हमलावर रहे विपक्षी दलों ने इस घटना के बाद सरकार की घेराबंदी शुरू कर दी है। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और राष्ट्रीय लोक दल अध्यक्ष जयंत चौधरी पीड़ित किसानों से मिलने के लिए सोमवार को अपनी पार्टियों के प्रतिनिधियों के साथ लखीमपुर खीरी जाएंगे। राहुल गांधी के भी लखीमपुर खीरी जाने की संभावना जताई जा रही है। बसपा अध्यक्ष मायावती ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र को मौके पर जाने के लिए कहा है। आदमी पार्टी के प्रदेश प्रभारी संजय सिंह ने घटना की सीबीआइ जांच कराने की मांग की है।

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्वीट कर मुख्यमंत्री आदित्यनाथ से इस्तीफे की मांग की। सपा अध्यक्ष ने कहा कि 'कृषि कानूनों का शांतिपूर्ण विरोध कर रहे किसानों को भाजपा सरकार के गृह राज्य मंत्री के पुत्र द्वारा गाड़ी से रौंदना घोर अमानवीय और क्रूर कृत्य है। उप्र दंभी भाजपाइयों का जुल्म अब और नहीं सहेगा। यही हाल रहा तो उप्र में भाजपाई न गाड़ी से चल पाएंगे, न उतर पाएंग

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