: नक्सलियों के खिलाफ बड़े आपरेशन की तैयारी, फोर्स ने अंदरूनी इलाकों में मजबूत की पकड़

 

आइजी ने ली बस्तर संभाग के सभी जिलों के एसपी की बैठक (फाइल फोटो)
आइजी सुंदरराज पी बीते गुरुवार को अति दुर्गम अबूझमाड़ के जंगल में स्थित आकाबेड़ कैंप पहुंचे और फोर्स के जवानों तथा ग्रामीणों से मिलकर सिमट रहे नक्सलवाद और विकास में आई गति पर चर्चा की। इस दुर्गम इलाके में पहुंचने वाले वह पहले आइजी हैं।

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ में आपरेशन मानसून की सफलता के बाद फोर्स अब नक्सलियों को ढील देने के मूड में कतई नहीं है। अभी बस्तर से मानसून की विदाई हो भी नहीं पाई है कि फोर्स ने आपरेशन विंटर की तैयारी शुरू कर दी है। आइजी सुंदरराज पी बीते गुरुवार को अति दुर्गम अबूझमाड़ के जंगल में स्थित आकाबेड़ कैंप पहुंचे और फोर्स के जवानों तथा ग्रामीणों से मिलकर सिमट रहे नक्सलवाद और विकास में आई गति पर चर्चा की। इस दुर्गम इलाके में पहुंचने वाले वह पहले आइजी हैं।

जवानों के बढ़े मनोबल के बीच आकाबेड़ा में ही आपरेशन विंटर की योजना बन गई। फिर क्या था, अगले ही दिन यानी शुक्रवार को आइजी ने बस्तर संभाग के सभी जिलों के एसपी की बैठक बुला ली। उनसे सलाह मशवरा किया और आपरेशन विंटर के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए।

दरअसल, बस्तर संभाग में बीते दो साल में हालात में काफी परिवर्तन आया है। एक दशक पहले नक्सल दहशत से बीजापुर जिले के तर्रेम, नारायणपुर के कोहकामेटा व सोनपुर जैसे जो थाने बंद हो गए थे वह अब फिर से खुल गए हैं। फोर्स ने अंदरूनी इलाकों में पकड़ मजबूत करने के लिए करीब 120 कैंप खोले हैं। जंगल में बसे गांवों तक फोर्स के कैंपों की मदद से सड़क, बिजली, पानी, स्कूल, अस्पताल, राशन दुकान आदि सुविधाएं पहुंच रही है। जैसे-जैसे फोर्स अंदर बढ़ रही है नक्सली पीछे हट रहे हैं। आइजी ने सुदूर इलाकों के 32 कैंपों का चयन किया है जो विकास केंद्र के तौर पर काम करेंगे।

नक्सलियों को कहीं ठिकाना नहीं

पहले नक्सली एक जिले में वारदात कर दूसरे जिले या राज्य में चले जाते थे। अब योजना ऐसी बन रही है कि फोर्स की एक टुकड़ी जिस जगह तक उनका पीछा करती है उसके आगे से दूसरे जिले या राज्य की टुकड़ी पीछे लग जाती है। विभिन्न जिलों व अंतरराज्जीय सीमाओं पर समन्वय बनाकर काम करने का नतीजा यह हुआ है कि बस्तर का 18 हजार वर्ग किमी से ज्यादा इलाका नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है।

बरसते पानी में नक्सल कैंप पर बोला धावा

अमूमन बरसात के दिनों में जंगल में नदी-नाले उफान पर होते तो नक्सली खुद को सुरक्षित मान लेते थे। मौका देख वही फोर्स पर हमला करते थे। इस बार फोर्स के आपरेशन मानसून को अभूतपूर्व सफलता मिली है। मानसून के दौरान फोर्स ने नक्सलियों के 23 कैंपों पर धावा बोला। इस दौरान 18 हार्डकोर नक्सलियों को मार गिराया और उनके शव लेकर लौटे। मानसून में 74 नक्सली गिरफ्तार किए गए, 129 ने आत्मसमर्पण किया।

सुदूर इलाकों तक विकास पहुंचने लगा

आपरेशन मानसून के बाद आपरेशन विंटर चलेगा। बस्तर अब शांति के पथ पर चल पड़ा है। सुदूर इलाकों तक विकास पहुंचने लगा है। नक्सलवाद पर जो अंकुश लगा है उसमें अब ढील नहीं देंगे।

- सुंदरराज पी, आइजी बस्तर