किसानों के लिए मोदी सरकार का बड़ा फैसला- इस साल नहीं बढ़ेंगे इन फर्टिलाइजर के दाम, सब्सिडी भी बढ़ाने का ऐलान

 

किसानों के लिए मोदी सरकार का बड़ा ऐलान।(फोटो: प्रतीकात्मक)
मोदी सरकार ने किसानों के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने फास्पेटिक और पोटाशिक खाद(फर्टिलाइजर) के दाम नहीं बढ़ाए। ज्यादा सब्सिडी देने का ऐलान। मोदी कैबिनेट ने फर्टिलाइजर सब्सिडी के तौर पर एडिशनल 28655 करोड़ का ऐलान किया था।

नई दिल्ली, एजेंसियां। किसानों के लिए मोदी कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है। केंद्र सरकार ने फास्पेटिक और पोटाशिक खाद(फर्टिलाइजर) के दाम इस साल के लिए नहीं बढ़ाने का फैसला किया है। इसके साथ ही सरकार ने इन दोनों पर सब्सिडी बढ़ाने का फैसला किया है। आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने पूरे वर्ष 2021-22 के लिए फास्फेटिक और पोटाश उर्वरकों की बढ़ी हुई कीमतों को वापस लेने का फैसला लिया है। इसके साथ ही फास्फेटिक और पोटाश फर्टिलाइजर पर प्रति बैग 438 रूपए सब्सिडी बढ़ाने का भी फैसला लिया गया है।

इससे पहले मोदी कैबिनेट की अहम बैठक हुई थी। इस बैठक में फास्पेटिक और पोटाशिक फर्टिलाइजर के लिए एडिशनल 28,655 करोड़ सब्सिडी की घोषणा की गई थी।

आपको बता दें कि केंद्र सरकार की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने अक्टूबर, 2021 से मार्च, 2022 की अवधि के लिए एनपी एंड के उर्वरकों यानि फास्पेटिक और पोटाशिक खाद(फर्टिलाइजर) के लिए पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (एनबीएस) दरों को मंजूरी दे दी है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब किसान विधेयक के खिलाफ लगातार आंदोलन कर रहे हैं।

फसलों के अच्छे उत्पादन के लिए एनपीके खाद का इस्तेमाल भी किया जाता है। एनपीके खाद में फॉस्फेट व पोटाश पाया जाता है। इसी क्रम में केंद्र सरकार द्वारा किसानों के हित में बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने फास्फेटिक और पोटाश ((P&K) उर्वरकों पर 28,655 करोड़ रुपए की शुद्ध सब्सिडी (subsidy) देने का ऐलान किया है। इससे किसानों को रबी फसलों की बुवाई के लिए सस्ती कीमतों पर फर्टिलाइजर उपलब्ध हो सकेंगे। बता दें कि रबी फसलों की बुवाई अक्टूबर में शुरू हो जाती है।

बिनेट की बैठक में AMRUT योजना के तहत वेस्टवाटर मैनेजमेंट को लेकर नए सिरे से प्लानिंग की गई। स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के लिए 141600 करोड़ का ऐलान किया गया है। इसमें केंद्र का योगदान 36,465 करोड़ है। पहला चरण वित्त वर्ष 2021-22 से वित्त वर्ष 2025-26 तक के लिए है। इसके लिए सरकार ने 62,009 करोड़ के फंड का ऐलान किया था।