दिल्ली पुलिस में अपराधियों के लिए काल रूप धारण कर रहीं ‘तेजस्विनी’, अपराध में आई कमी

 

तेजस्विनी अभियान में शामिल महिला पुलिसकर्मियों के साथ बैठक में उत्तर पश्चिम जिले की डीसीपी उषा रंगनानी’- दिल्ली पुलिस।
बदमाशों के लिए काल रूप धारण कर चुकीं ऐसी महिला पुलिसकर्मियों के कारण ही महिलाओं के साथ होने वाली अपराध को लेकर की जाने वाली पीसीआर काल में 31 फीसद की कमी आई है। इसका असर पुरुषों के साथ होने वाली घटनाओं पर भी पड़ा है।

नई दिल्ली । महिला सुरक्षा व सशक्तीकरण को लेकर उत्तर पश्चिम जिले के विशेष अभियान ’तेजस्विनी’ में शामिल महिला पुलिसकर्मी अपराधियों के लिए लेडी सिंघम साबित हो रही हैं। डीसीपी उषा रंगनानी के निर्देशन में शुरू किए गए अभियान के 10 अक्टूबर को तीन माह पूरे हो चुके हैं। इस दौरान अभियान में शामिल 46 महिला कांस्टेबल ने 137 बदमाशों को सलाखों के पीछे पहुंचाया है तो 116 संगीन वारदात की गुत्थी भी सुलझाने में कामयाबी पायी हैं।

बदमाशों के लिए काल रूप धारण कर चुकीं ऐसी महिला पुलिसकर्मियों के कारण ही महिलाओं के साथ होने वाली अपराध को लेकर की जाने वाली पीसीआर काल में 31 फीसद की कमी आई है। इसका असर पुरुषों के साथ होने वाली घटनाओं पर भी पड़ा है। नतीजतन, चोरी, झपटमारी जैसी वारदात की सूचनाओं में भी 23 फीसद की तक की गिरावट देखी जा रही है। अभियान के तहत तीन माह में किए गए कामकाज की समीक्षा में ये तथ्य सामने आये हैं।

स्कूल-कालेज की छात्रओं में पैदा किया जा रहा आत्मविश्वास

यह अभियान केवल महिला सुरक्षा पर ही केंद्रित नहीं है बल्कि इसका व्यापक फलक है। इसका मकसद महिलाओं, युवतियों, स्कूल-कालेज की छात्रओं को अपनी सुरक्षा के प्रति सजग बनाने के साथ उनमें बदमाशों से मुकाबला करने के लिए आत्मविश्वास पैदा करना भी है। अकेली व बुजुर्ग महिलाओं के घरों तक पहुंचकर उनमें पुलिस के प्रति अपनत्व का भाव पैदा करना है। उनसे बातचीत कर उनकी निजी समस्याओं का भी समाधान करना है। ऐसे में अब तक करीब ढाई सौ बुजुर्ग महिलाओं को मदद पहुंचाई गई हैं और 15 शिविरों के माध्यम से 659 छात्रओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाये जा चुके हैं।

हिलाओं को छेड़छाड़, दुष्कर्म, यौन हमला, घरेलू हिंसा, दहेज की मांग के लिए उत्पीड़न जैसी प्रतिकूल परिस्थितियों से निपटने के लिए उन्हें सशक्त बनाकर कानूनी सहायता प्राप्त करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। तेजस्विनी में शामिल महिला पुलिसकर्मी पीड़ितों के लिए डोर स्टेप पुलिसिंग प्रदान कर रही हैं। ये नियमित रूप से ईआरवी, क्यूआरटी, मोटरसाइकिल, स्कूटी आदि पर अपने अपने क्षेत्रों में गश्त करती हैं। भारत नगर इलाके में कांस्टेबल किरण ने झपटमारी कर भाग रहे बाइक सवार बदमाश का पीछा कर उसे दबोच कर अभियान की सार्थकता को सिद्ध कर चुकी हैं।

क्षेत्र में महिला पुलिसकर्मियों की उपस्थिति मात्र महिलाओं के बीच आत्मविश्वास और साहस के निर्माण में एक उत्प्रेरक के रूप में काम कर रही है और उन्हें मौजूदा माहौल और समय में अपनी सुरक्षा के बारे में अधिक जागरूक बना रही हैं। अभियान का मुख्य उद्देश्य सभी आयु वर्ग की महिलाओं और लड़कियों को संवेदनशील बनाना है। बुजुर्ग महिलाएं जब कांपते हाथों से महिला कांस्टेबल को आर्शीवाद देती हैं तो यह हमारे लिए सबसे बड़ा इनाम होता है।