जानिए गैंगस्टर कलीम को कौन पहुंचाता था जेल में सामान और किस जेलकर्मी के खाते में आती थी रंगदारी की रकम

 

गैंगस्टर कलीम को अब हाई सिक्योरिटी जेल में भेजने की कवायद तेज हो गई है।
कलीम की रंगदारी वसूली में जेल में तैनात वाहन चालक जैंती निवासी ललित मोहन भट्ट को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके अलावा सामान पहुंचाने वाले अतुल वर्मा की पुलिस तलाश कर रही है।

अल्मोड़ा : ऐतिहासिक जिला जेल से रंगदारी के खेल का पर्दाफाश होने के बाद एसटीएफ ने यहां बंद कुख्यात गैंगस्टर कलीम के एक मददगार को वांटेड घोषित कर दिया है। अल्मोड़ा नगर निवासी अतुल वर्मा हत्या व फिरौती के मामले में सजा काट रहे कलीम को बाहर से जेल के भीतर सारी सुख सुविधाएं मुहैया कराता आ रहा था। सूत्र बताते हैं कि कलीम गैंग के तमाम अपराधियों ने इस बीच उत्तराखंड खासतौर पर कुमाऊं का भी रुख कर लिया था। इनमें कितने बदमाश व शूटरों ने घुसपैठ की इसकी तह तक जाने के लिए एसटीएफ व अल्मोड़ा पुलिस ने ताकत लगा दी है। इस पूरे प्रकरण में जेल प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठने से देहरादून मुख्यालय तक हलचल बढ़ गई है। सूत्रों की मानें तो गैंगस्टर कलीम को अब हाई सिक्योरिटी जेल में भेजने की कवायद तेज हो गई है। 

बीते रोज एसटीएफ व अल्मोड़ा पुलिस की संयुक्त टीम ने जिला जेल में छापा मार कैदियों की बैरकों में सर्च ऑपरेशन चलाया था। मामला तब खुला जब हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, रुड़की व मंगलौर में हत्या और फिरौती के मामले में सजा काट रहे कुख्यात गैंगस्टर कलीम के वाट्सएप काल के जरिये फिरौती मांगे जाने का खेल सलाखों से बाहर आ पहुंचा। तलाशी के दौरान 1.30 लाख रुपये, तीन मोबाइल, चार सिम व चरस बरामद की गई। 

एसएसपी पंकज भट्ट के अनुसार गैंगस्टर कलीम की रंगदारी वसूली में मददगार उपनल के जरिये जेल में तैनात वाहन चालक जैंती (लमगड़ा ब्लाक) निवासी ललित मोहन भट्ट को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र रचने का मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में पेश किया जा रहा है। स्पेशल टास्क फोर्स के एसटीएफ अब नगर निवासी अतुल वर्मा नाम के उस शख्स की धरपकड़ में जुट गई है जो गैंगस्टर कलीम को जेल में पूरी सुख सुविधाएं मुहैया कराने का जिम्मा संभाले था। 

जेल प्रशासन में हो सकता है बड़ा फेरबदल 

अपराधिक लिहाज से शांत अल्मोड़ा की ऐतिहासिक जिला जेल में छोटे बड़े सभी अपराधी कैद होते आए हैं। मगर जेल के भीतर मोटी रकम, मोबाइल व मादक पदार्थ पहुंचाए जाने और कारागार से ही बड़े शहरों व जेलों की तर्ज पर रंगदारी वसूली का यह पहला मामला सामने आया है। इससे जेल प्रशासन की साख पर भी बट्टा लगा है। सूत्रों के मुताबिक राजधानी में बैठे उच्चाधिकारी भी इस सनसनीखेज खुलासे से सकते में हैं। माना जा रहा है कि अब जेल प्रशासन में बड़ा फेरबदल तो होगा ही अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है। 

छोटे कर्मियों को बड़ी रकम का दिया था लालच 

गैंगस्टर कलीम ने जेल के भीतर से फिरौती वसूली व सुख सुविधाएं मुहैया कराने के लिए जेल में तैनात चतुर्थ श्रेणी स्तर के कर्मचारियों को साथ लिया। उन्हें मोटी रकम का लालच दिखाया। उपनल के जरिये तैनात एक कर्मी व ड्राइवर उसके झांसे में आ भी गए। यही नहीं चालक ललित मोहन भट्ट गैंगस्टर की ओर से मांगी गई फिरौती की रकम अपने खाते में मंगवाता था। फिर गुपचुप कलीम तक पहुंचाने का काम करता थ

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