आगरा में फेल हो गई अफोर्डेबल हाउसिंग योजना

 

आगरा में अफोर्डेबल हाउसिंग योजना परवान नहीं चढ़ सकी।
दो साल में एक भी बिल्डर नहीं हुआ योजना पर काम करने के लिए राजी। योजना के तहत बिल्डर लोगों को सस्ती दरों पर आवास उपलब्ध करा सकते थे। बिल्डरों के लिए योजना काफी लाभप्रद हो सकती थी जिनकी बिल्डिंग बनी खड़ी हैं लेकिन खरीदार नहीं मिल रहे हैं।

आगरा,  संवाददाता। शासन ने प्रवासी लोगों को आवास उपलब्ध कराने के लिए अफोर्डेबल हाउंसिंग योजना लांच की थी, लेकिन ताजनगरी में यह योजना फेल हो गई। आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) के अधिकारियों ने कई बार बिल्डरों के साथ बैठक की, लेकिन कोई भी बिल्डर इस योजना पर काम करने के लिए राजी नहीं हुआ।

ताजनगरी में गांव से पलायन करके आ रहे लोगों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। ऐसे में अन्य महानगरों की तरह ताजनगरी में भी शासन ने शहरों में लोगों को किराए पर घर उपलब्ध कराने के लिए अफोर्डेबल हाउसिंग योजना लांच की थी। इस योजना के तहत बिल्डर लोगों को सस्ती दरों पर आवास उपलब्ध करा सकते थे। उन बिल्डरों के लिए भी यह योजना काफी लाभप्रद हो सकती थी, जिनकी बिल्डिंग बनी खड़ी हैं लेकिन खरीदार नहीं मिल रहे हैं। इस योजना को परवान चढ़ाने के लिए एडीए के अधिकारियों ने शहर के बिल्डरों के साथ कई बार बैठक की लेकिन शहर के किसी भी बिल्डर ने इस योजना में रुचि नहीं ली। एडीए उपाध्यक्ष डाॅ. राजेंद्र पेंसिया का कहना है कि बिल्डरों को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार प्रयास हो रहे हैं।

3904 लाभार्थियों का सपना टूट गया

शहरी गरीबों को घर उपलब्ध कराने के लिए बनाई गई बीएसयूपी योजना के करीब 3584 लाभार्थियों का अपना घर पाने का सपना चकनाचूर हो गया है। नराइच में बनने वाले 3640 आवासों में से बने 3584 आवासों में घटिया निर्माण की वजह से उन्हें ध्वस्त करने की नौबत आ गई है। कांशीराम योजना के तहत पथौली में बने 320 आवासों का यही हाल है। यहां पिछले करीब आठ वर्ष से मकान बने खड़े हैं लेकिन उनका आवंटन नहीं किया गया है। आवंटन नहीं होने की वजह से मकान जर्जर हो चुके हैं। एडीए के अधिकारियों ने आवासों की मरम्मत के निर्देश दिए हैं लेकिन कोई काम नहीं हुआ।