खदान में उतरे कोयला मंत्री, बोले-कार्यसंस्कृति बदलें अधिकारी, सिर्फ उत्पादन और डिस्पैच पर दें ध्यान

 

सीसीसीएल के अशोका प्रोजेक्ट का जायजा लेते कोयला मंत्री प्रह्ललाद जोशी ( फोटो साैजन्य)।
 देश में कोयला का संकट चल रहा है। पावर प्लांटों को डिमांड के अनुसार कोयला नहीं मिल रहा है। इससे देश में बिजली संकट की चेतावनी दी गई है। कोयले के संकट को दूर करने के लिए केंद्रीय कोयला मंत्री प्रह्ललाद जोशी ने खुद मोर्चा संभाला है।

 धनबाद। देश के पावर सेक्टर में कोयला संकट को देखते हुए केंद्रीय कोयला मंत्री प्रह्ललाद जोशी ने त्योहार का मौसम होने के बाद भी खुद मोर्चा संभाल लिया है। वे पूरी टीम के साथ कोल इंडिया की कोयला कंपनियों का दाैरा कर रहे हैं। एसईसीएल का दाैरा करने के बाद जोशी गुरुवार को सीसीएल के दौरे पर पहुंचे। इस दाैरान वे सीसीएल के मेगा प्रोजेक्ट ( खुली खदान परियोजना) में पहुंचे और कोयले का उत्पादन व डिस्पैच का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को कार्यसंस्कृति में बदलाव लाने की नसीहत दी। सिर्फ उत्पादन और डिस्पैच पर ध्यान देने पर जोर दिया। मंत्री सीसीएल व बीसीसीएल सीएमडी व अन्य अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे।

अधिकारियों ने बताई अपनी समस्या

कोयला मंत्री जोशी ने सीसीएल के अशोका प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया। यहां खदानों की स्थिति को देखकर कर कहा कि खदानों को और व्यवस्थित करने की जरूरत है। अशोका मेगा प्रोजेक्ट है। कोयला उत्पादन की दिशा में तेजी से काम करने की जरूरत है। कोयला मंत्री ने कहा कि कोयला डिस्पैच की गति में किसी तरह परेशानी न आए इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। कोयला मंत्री को इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि जमीन व विधि व्यवस्था के कारण परियोजना विस्तार करने में परेशानी हो रही है। कई नए प्रोजेक्ट चालू करना है, लेकिन जमीन के कारण मामला लंबित पड़ गया है।

झारखंड के चतरा जिले में अवस्थित सीसीएल की अशोक ओपनकास्ट कोयला खदान का दौरा किया। 20 मिलियन टन की सालाना क्षमता वाली यह खदान सीसीएल की सबसे बड़ी कोल परियोजनाओं में से एक है। कोयला मंत्री ने यहां कोयला कामगारों से सीधे संवाद किया और लोगों से जानकारी ली। खदान के कामगारों से बातचीत की और उनका कोयला उत्पादन एवं डिस्पैच बढ़ाने के प्रति उत्साहवर्धन किया।

सीसीएल और बीसीसीएल सीएमडी के साथ करेंगे समीक्षा बैठक

सीसीएल के सीएमडी पीएम प्रसाद ही बीसीसीएल के प्रभार में है। बीसीसीएल के डीपी सीसीएल के प्रभार में है। इसी कारण से बीसीसीएल के निदेशक वित्त सिमरण दत्ता, निर्देशक कार्मिक पीवीआर राव सहित कई अधिकारी रांची में कैंप किए हुए है। सीसीएल व बीसीसीएल के साथ संयुक्त रूप से दोनों कंपनी की समीक्षा बैठक होगी।