शराब के नशे में धुत एक प्लंबर ने महिला दुकानदार की सरेराह गला रेतकर कर दी हत्या

 

शराब के नशे में धुत एक प्लंबर ने एक महिला दुकानदार की सरेराह गला रेतकर हत्या कर दी।
द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त शंकर चौधरी ने बताया कि छानबीन से पता चला है कि आरोपित और महिला में पैसे को लेकर कहासुनी हुई थी। आरोपित ने महिला से सिगरेट मांगी थी। महिला ने जैसे ही सिगरेट के एवज में पैसे मांगे आरोपित भड़क गया और वारदात को अंजाम दिया।

नई दिल्ली, संवाददाता। डाबड़ी थाना क्षेत्र में शराब के नशे में धुत एक प्लंबर ने एक महिला दुकानदार की सरेराह गला रेतकर हत्या कर दी। वारदात के बाद मौके से फरार हुए आरोपित को स्थानीय लोगों ने ढूंढ निकाला और उसकी जमकर पिटाई कर दी। घटना की जानकारी के बाद मौके पर पहुंची पुलिस को लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। आक्रोशित लोगों ने पुलिस के उपर पथराव किया और गाड़ी तोड़ दी। दो पुलिसकर्मी पथराव के दौरान घायल हो गए।

किसी तरह मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने स्थिति को काबू किया। पुलिस ने किसी तरह आरोपित दिलीप को लोगों के चंगुल से निकाला और अस्पताल में दाखिल कराया। पुलिस पर पथराव के आरोपितों के खिलाफ भी मामला दर्ज कर लिया है। एक महिला सहित पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त शंकर चौधरी ने बताया कि छानबीन से पता चला है कि आरोपित और महिला में पैसे को लेकर कहासुनी हुई थी। आरोपित ने महिला से सिगरेट मांगी थी। महिला ने जैसे ही सिगरेट के एवज में पैसे मांगे, आरोपित भड़क गया और वारदात को अंजाम दिया।

राजापुरी सोमबाजार में विभा अपने पति के साथ दुकान चलाती है। घटना के समय आरोपित दिलीप विभा की दुकान के बगल में स्थित एक दुकान में मौजूद था। जैसे ही दिलीप ने देखा कि विभा के पति दुकान से बाहर निकलकर कहीं जा रहे हैं, वह फौरन महिला की दुकान पर जाकर सिगरेट मांगने लगा। जिसको लेकर विवाद शुरू हो गया। इस दौरान पहले विभा ने आरोपित को दुकान के सामने से चले जाने को कहा। लेकिन दिलीप वहीं खड़ा रहा और अभद्र भाषा बोलता रहा। महिला ने दिलीप को भगाने के इरादे से हाथ में झाड़ू पकड़ी और उसे धमकाने लगी।

इसी दौरान अचानक दिलीप ने अपने टूलबैग से धारदार हथियार निकाला और विभा का गला रेत दिया। दिलीप ने धारदार हथियार बैग में रखा और मौके से निकल गया। इसके बाद आसपास मौजूद लोगों ने आरोपित का पीछा कर पकड़ लिया। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो लोगों का गुस्सा भड़क गया। लोगों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस ने किसी तरह आरोपित को लोगों के चंगुल से निकाला और उसे गाड़ी में बैठा लिया। लेकिन लोग पुलिस से कह रहे थे कि आरोपित उनके हवाले किया जाए। किसी तरह पुलिस ने लोगों को समझाया और मामले को शांत किया।