पुलिस ने पकड़ा फर्जी काल सेंटर, विदेशी नागरिकों को बनाते थे निशाना

 

बादशाहपुर में पकड़े गए फर्जी काल सेंटर की जांच साइबर थाना को सौंपी गई है।
फर्जी काल सेंटर से लोगों को सोशल सिक्योरिटी नंबर ब्लाक होने और ड्रग पेडलर का डर दिखाया जाता था। जब कोई विदेशी नागरिक उनके झांसे में आ जाता था तो उसके पास वाइस मैसेज भेज कर उन्हें गिफ्ट कार्ड खरीदने को कहते थे जिसके बाद ठगी होती थी।

नई दिल्ली/गुरुग्राम। बादशाहपुर पुलिस के हाथ एक बड़ी कामयाबी लगी है। पुलिस ने सेक्टर-69 के स्पेस प्लाजो में एक फर्जी काल सेंटर पकड़ा है। फर्जी काल सेंटर चलाकर आरोपित विदेशी नागरिकों को अपना शिकार बनाते थे। इससे पहले भी शहर में दर्जनभर फर्जी काल सेंटर पकड़े गए हैं। बादशाहपुर में पकड़े गए फर्जी काल सेंटर की जांच साइबर थाना को सौंपी गई है।

बादशाहपुर थाना प्रभारी निरीक्षक दिनकर को सूचना मिली कि सेक्टर-69 के स्पेज प्लाजो में 10वीं और 11वीं मंजिल पर फर्जी काल सेंटर चलाया जा रहा है। फर्जी काल सेंटर पर रेड करने से पहले एसीपी क्राइम-टू धर्मवीर सिंह को इसकी सूचना दी गई। एसीपी धर्मवीर सिंह भी सूचना मिलते ही पहुंच गए।

एसीपी धर्मवीर सिंह व निरीक्षक दिनकर ने काल सेंटर पर रेड करने के लिए पुलिस पार्टी तैयार की। इस पुलिस पार्टी में उप निरीक्षक नरेंद्र सिंह, वीरेंद्र कुमार, सिपाही प्रदीप, साइबर थाना के सहायक उप निरीक्षक अमित कुमार, संजय कुमार, राजेश कुमार, मुख्य सिपाही नवीन, सिपाही कविंदर और सिपाही जितेंद्र को शामिल किया गया।

पुलिस पार्टी स्पेज प्लाजो के गेट पर पहुंची तो वहां सिक्योरिटी सुपरवाइजर नरेंद्र शर्मा और संजय मिले। उन दोनों को साथ लेकर पुलिस पार्टी ने छापेमारी की। 11वीं मंजिल पर ताला लगा मिला जबकि दसवीं मंजिल पर फर्जी काल सेंटर चलता पाया गया। पुलिस ने पूछताछ की तो यह फ्लोर हंसराज, मोनू और सचिन ने किराए पर ले रखा है।

200 कंप्यूटर और लैपटाप लगे थे फर्जी काल सेंटर में

पुलिस ने छापेमारी की तो इस फर्जी काल सेंटर में 200 कंप्यूटर लगे मिले। कंप्यूटर के साथ एक लैपटाप भी लगाया गया था। मौके पर छह कंप्यूटर व लैपटाप चालू थे। साइबर टीम ने कंप्यूटर को चालू किया तो उनके मानिटर की स्क्रीन पर स्क्रिप्ट में कनाडा और आस्ट्रेलिया के नागरिकों के एसएसएन नंबर और ड्रग पेडलर के नाम की स्क्रिप्ट मिली। इमारत किराए पर लेने वाले हंसराज को पुलिस ने फोन पर बुलाया। उसने 10 मिनट में आने के लिए कही। पर काफी देर इंतजार के बाद भी वह नहीं आया।

सोशल सिक्योरिटी नंबर ब्लाक होने की बात कहकर करते थे ठगी

फर्जी काल सेंटर में लगे कंप्यूटरों को चेक किया तो उसमें विदेशी नागरिकों को काल करने के लिए आइबीम, एक्स लाइट, डायलर साफ्टवेयर इंस्टाल किए पाए गए। इन साफ्टवेयर के माध्यम से वे कनाडा और आस्ट्रेलिया के नागरिकों को काल करते थे। उन लोगों को सोशल सिक्योरिटी नंबर ब्लाक होने और ड्रग पेडलर की बात कहकर पुलिस का डर दिखाते थे। जब कोई विदेशी नागरिक उनके झांसे में आ जाता था तो उसके पास वाइस मैसेज भेज कर उन्हें गिफ्ट कार्ड खरीदने को कहते थे। उसके बाद उनके कार्ड नंबर पूछकर पैसे ठगने का काम करते थे। बादशाहपुर पुलिस ने तीनों आरोपितों के खिलाफ अपराधिक मामला दर्ज कर लिया है। इस पूरे मामले की जांच साइबर थाना को सौंप दी गई है।