चीन से तनाव के बीच अरब सागर में भारत-ब्रिटिश सेना के तीनों अंगों ने किया विशाल युद्धाभ्यास

 

भारत और ब्रिटेन की सेना के तीनों अंगों के युद्धाभ्यास के तहत अरब सागर में सैन्य अभ्यास चल रहा है

 से तनाव के बीच भारत और ब्रिटेन की सेना के तीनों अंगों के युद्धाभ्यास के तहत अरब सागर में जटिल सैन्य अभ्यास चल रहा है। इसे दोनों देशों के बीच का अब तक का सबसे महत्वकांक्षी युद्धाभ्यास बताया जा रहा है।

 नई दिल्ली, प्रेट्र। चीन से तनाव के बीच भारत और ब्रिटेन की सेना के तीनों अंगों के युद्धाभ्यास के तहत अरब सागर में जटिल सैन्य अभ्यास चल रहा है। इसे दोनों देशों के बीच का अब तक का सबसे महत्वकांक्षी युद्धाभ्यास बताया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि 21 अक्टूबर से 'कोंकण शक्ति' नाम से शुरू एक सप्ताह के युद्धाभ्यास में ब्रिटेन के सबसे बड़े युद्धपोत एचएमएच क्वीन एलिजाबेथ की अगुआई में ब्रिटिश कैरियर स्ट्राइक ग्रुप (सीएसजी) और दोनों देशों की नौसेनाओं के कई अग्रिम पंक्ति के पोत हिस्सा ले रहे हैं।

अमेरिका और रूस के बाद ब्रिटेन की नौसना के साथ कर रही हैं युद्धाभ्यास

कैरियर बैटल ग्रुप या कैरियर स्ट्राइक ग्रुप ब्रिटिश नौसना का विशाल बेड़ा है, जिसमें एक विमानवाहक पोत शामिल है। इनके अलावा इनमें बड़ी संख्या में विध्वंसक, फ्रिगेट एवं अन्य पोत शामिल हैं। अमेरिका और रूस के बाद ब्रिटेन की नौसना सबसे बड़ी है जो भारत के साथ तीन-सेवा युद्धाभ्यास कर रही है।अधिकारियों ने बताया कि युद्धाभ्यास में शामिल भारतीय नौसेना का मिग-29के जेट, रायल नेवी का एफ-35बी लड़ाकू विमान, भारतीय वायुसेना का सुखोई-30 और जगुआर लड़ाकू विमान प्रमुख हैं। भारतीय नौसेना के प्रवक्ता कमांडर विवेक मधवाल ने बताया कि तीन-सेवा युद्धाभ्यास का समुद्री चरण अरब सागर में कोंकण तट पर रविवार को बंदरगाह पर हुए अभ्यास के समापन के बाद शुरू हुआ।

भारतीय नौसेना ने बढ़ाई सक्रियता

हिंद महासागर में चीन की बढ़ती घुसपैठ और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र में भारतीय नौसेना ने देश के बढ़ते समुद्री हितों को लेकर बीते कुछ वर्षों में अपने परिचालन कार्यों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। यही कारण है कि हिंद महासागर क्षेत्र और अरब सागर में मिशन आधारित तैनाती पर भारतीय नौसेना के जहाज किसी भी स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया के लिए तैयार हैं।