हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जनसुनवाई में हंगामा, कांग्रेस नेता की पिटाई; फाड़ डाले कुर्ते


हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जनसुनवाई में हंगामा
Publish Date:Mon, 04 Oct 2021 05:34 PM (IST)Author: Mangal Yadav

जनसुनवाई के दौरान कांग्रेस नेता राजेश रावत ने क्षेत्र के लोगों की मांग को उठाते खनन पटटा रद की बात कही। इस पर मौके पर ही उपस्थित कुछ लोगों ने कांग्रेस नेता राजेश रावत की जिला उपायुक्त व पुलिस के सामने ही पिटाई कर डाली।

नांगल चौधरी (महेंद्रगढ़) जागरण संवाददाता। सोमवार को मूसनौता में हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा मैसर्स सतीश कुमार गर्ग एंड कंपनी माइंस की जनसुनवाई आयोजित हुई। जिसमें जिला उपायुक्त अजय कुमार मुख्य रूप से उपस्थित रहे। माइंस का एरिया 76.32 हेक्टेयर है। जनसुनवाई में ग्रामीणों को मांइस व पर्यावरण संबंधित कोई भी आपति मौखिक व लिखित रूप में देने का मौका दिया गया। कार्यक्रम में खनन, वन व पंचायत विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। लेकिन इस दौरान कुछ ग्रामीणों ने जिला प्रशासन व पुलिस के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए।

मौके पर मौजूद कांग्रेस नेता राजेश रावत ने जब माइंस का विरोध किया तो जिला उपायुक्त के सामने ही कुछ लोगों ने उनकी पिटाई कर दी और उसका कुर्ता तक फाड़ दिया। पुलिस ने तुरंत बीच बचाव कर युवक को छुड़वाया। जनसुनवाई में कुछ ग्रामीणों ने अपनी राय रखी। जिससे संबंधित विभाग के अधिकारियों द्वारा नोटिड किया गया।

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विरोध करने पर नेता जी की कर दी पिटाई

जनसुनवाई के दौरान कांग्रेस नेता राजेश रावत ने क्षेत्र के लोगों की मांग को उठाते खनन पटटा रद की बात कही। इस पर मौके पर ही उपस्थित कुछ लोगों ने कांग्रेस नेता राजेश रावत की जिला उपायुक्त व पुलिस के सामने ही पिटाई कर डाली। नेता जी का कुर्ता तक फाड़ दिया गया। इस पर पुलिस ने ही बीच बचाव कर नेता जी को छुड़वाया। कुछ ग्रामीणों ने मांइस संचालकों पर गुंड़ों द्वारा पिटाई करवाने का आरोप लगाया। लेकिन यह तो पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगा कि आखिरकार पिटाई करने वाले लोग कौन थे और किसके इशारे पर घटना को अंजाम दिया गया।

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पहले भी हो चुका था हंगामा

गत दस अगस्त को भी उक्त मांइस की ओपनिंग के लिए जनसुनवाई कार्यक्रम आयेाजित हुआ था। उस समय कुछ अधिकारियों व पुलिस की मौजूदगी में ही विरोध कर रहे ग्रामीणों ने टेंट उखाड़ कर फेंक दिया था। अधिकारियों को बगैर जनसुनवाई के ही बैरंग लौटना पड़ा था। इससे अबकी बार जनसुनवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। जिससे कुछ ग्रामीणों के हंगामें के बीच भी जनसुनवाई को पूरा किया गया।

उपायुक्त अजय कुमार ने बताया कि जनसुनवाई के दौरान एक व्यक्ति के साथ कुछ लोगों ने मारपीट की थी। मेरे कहने पर पुलिस ने तुरंत मामला शांत करवा दिया था। दोनों ही पक्षों को मैं नहीं जानता हूं। जिस व्यक्ति के साथ मारपीट हुई है, वह पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करवाता है तो आरोपितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

गोमाता के मुख का ग्रास छिन जाएगा

जनसुनवाई से पूर्व ही कुछ ग्रामीण मांइस के विरोध में गोशाला के पास ही टेंट लगाकर धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों का तर्क था कि माइंस क्षेत्र का अधिकरतर हिस्सा अरावली के अंतर्गत आता है। गोशाला में करीब तीन हजार से भी अधिक गोवंश है। गुजरवाटी बेल्ट सूखे क्षेत्र की गिनती में आता है। यहां कृषि कार्यो के लिए जल की उपलब्धता नहीं है। लोगों की खेती बाड़ी सिर्फ भगवान भरोसे चलती है। बरसात के अभाव में अनाज और चारा लोग अन्य क्षेत्र से लाकर अपना काम चलाते हैं। गोशाला के सभी गाय भी अरावली क्षेत्र में घूमकर ही अपना पेट भरती हैं। इसके नजदीक कई ग्रामीणों के मकान भी है। माइंस का संचालन होने पर गोमाता के मुख का ग्रास छिन जाएगा व उनकी जान को भी खतरा बढ़ जाएगा।