कम समय में कैसे करें प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी, अच्छे स्कोर के लिए ये हैं असरदार टिप्स

 

दस अक्टूबर को होने वाली है सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा
यह सोचकर खुश रहें कि ‘जो होगा देखा जायेगा।‘ नियमित तौर पर विषयों को थोड़ा-बहुत दोहराने का काम जरूर करते रहें। इससे आत्मविश्वास को बनाये रखने में मदद मिलती है। जैसे ही आप परीक्षा हाल में जाकर अपने लिये निर्धारित कुर्सी पर बैठते हैं आपकी साधना शुरू हो जाती है।

नई दिल्ली। यदि आप दस अक्टूबर को होने वाली सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में बैठने जा रहे हैं, तो गौतम बुद्ध के इन कालजयी शब्दों को व्यवहार में लाने का यह आदर्शतम समय है। उनके शब्द थे, ‘वीणा के तारों को इतना मत कसो कि वे टूट ही जायें।‘

आपको पूर्वाह्न के 120 मिनट में 100 प्रश्नों के उत्तर देने हैं। 120 मिनट के अंतराल के बाद फिर से 120 मिनट में 80 प्रश्नों को हल करना है। यह कार्य आपसे एक जबरदस्त किस्म के शारीरिक एवं मानसिक संतुलन की मांग करता है, जबकि अधिकांश युवा इन्हीं दिनों स्वयं को रात-दिन कड़ी मेहनत में लगाकर इससे समझौता कर बैठते हैं। इसका नकारात्मक प्रभाव आपके परफार्मेंस पर पड़ता है। इसलिए अब आपकी नीति होनी चाहिए कि ‘जो तैयारी होनी थी, हो चुकी। अब कुछ विशेष होने वाला नहीं है। बेहतर होगा कि मैं अपने शरीर को ठीक रखूं, हल्का भोजन लूं और अपनी नींद में कोई कटौती न करूं।‘ अब आप अपनी तैयारी के बारे में सोचना बिल्कुल बंद कर दें। न तो अपनी तैयारी के बारे में किसी को कुछ बतायें और न ही किसी की तैयारी के बारे में उससे कुछ पूछें। यह सोचकर खुश रहें कि ‘जो होगा, देखा जायेगा।‘ हां, नियमित तौर पर विषयों को थोड़ा-बहुत दोहराने का काम जरूर करते रहें। इससे आत्मविश्वास को बनाये रखने में मदद मिलती है। जैसे ही आप परीक्षा हाल में जाकर अपने लिये निर्धारित कुर्सी पर बैठते हैं, आपकी साधना शुरू हो जाती है।

परिणाम के बारे में सोचना बंद कर दें। विचार आयें भी, तो उन्हें अन्य अच्छे विचारों के द्वारा स्थगित कर दें और जैसे ही पेपर मिले, उस पर टूट पड़े, किंतु पूरे संतुलन के साथ। हो सकता है कि शुरू के कुछ प्रश्न आपके बिल्कुल पल्ले ही न पड़ रहे हों। कोई बात नहीं। यात्रा जारी रखें। मानकर चलें कि सभी प्रश्न ऐसे ही नहीं होंगे। यह एक संयोग ही होगा कि आपको ऐसा सेट मिल गया। हड़बड़ी में बिल्कुल न रहें, लेकिन समय का ख्याल भी रखें। प्रश्नों को ध्यान से पढ़ना है। कोई प्रश्न कठिन लग रहा हो, तो अगला प्रश्न देंखें। समय को फिलहाल आप अपनी सबसे बड़ी पूंजी मानें। इसलिए निराशा के कठिनतम क्षणों में भी समय का उपयोग करें। आपको नहीं मालूम कि इससे क्या का क्या हो सकता है।

शायद आपको मालूम होगा कि पिछली प्रारंभिक परीक्षा का कट आफ मार्क्स 46.26 प्रतिशत रहा है। पहले पेपर के बाद के दो घंटे के अंतराल में हल्का भोजन लें। साथियों से हल्की-फुल्की बातें करें, लेकिन न तो बीते हुए पेपर के बारे में और न ही अभी होने वाले पेपर के बारे में। बेहतर होगा कि घर लौटने के बाद या फिर अगले दिन आप परीक्षा संबंधी अपना मूल्यांकन विस्तार के साथ नोट करें। यह अगले साल आपके बहुत काम आयेगा।