हमेशा राज्य पुलिस के साथ मिलकर काम करती है बीएसएफ, नई व्यवस्था से सीमावर्ती इलाकों में होगी अपराधों की रोकथाम

 

अभियान वाले इलाकों में एकरूपता स्थापित करने के लिए किए गए हैं ये संशोधन
बीएसएफ के महानिरीक्षक (आइजी आपरेशन) सोलोमन मिंज ने कहा कि सीआरपीसी और पासपोर्ट अधिनियम के तहत बीएसएफ की शक्तियां अब एक नए परिचालन क्षेत्र तक बढ़ा दी जाएंगी। सीमा सुरक्षा आंतरिक सुरक्षा का ही एक हिस्सा है और वे इसे लेकर संवेदनशील हैं।

नई दिल्ली, एएनआइ। अंतरराष्ट्रीय सीमा से भारतीय क्षेत्र से 50 किमी अंदर तक के क्षेत्र में तलाशी, संदिग्धों की गिरफ्तारी और जब्ती के लिए दी गई अतिरिक्त शक्तियों का जिक्र करते हुए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने गुरुवार को कहा कि वह हमेशा राज्य पुलिस के साथ निकट समन्वय में काम करता है। बल ने कहा कि अभियान वाले इलाकों में एकरूपता स्थापित करने के लिए ये संशोधन किए गए हैं।

बीएसएफ के महानिरीक्षक (आइजी आपरेशन) सोलोमन मिंज ने कहा कि सीआरपीसी और पासपोर्ट अधिनियम के तहत बीएसएफ की शक्तियां अब एक नए परिचालन क्षेत्र तक बढ़ा दी जाएंगी। सीमा सुरक्षा, आंतरिक सुरक्षा का ही एक हिस्सा है और वे इसे लेकर संवेदनशील हैं। परिचालन क्षेत्रों का विस्तार करने के पीछे सभी प्रकार के सीमा पार अपराध पर अंकुश लगाना है।

मिंज ने कहा कि संशोधन 11 अक्टूबर को उस क्षेत्र को परिभाषित करने में एकरूपता स्थापित करने के लिए किया गया है जिसके भीतर बल अपने कर्तव्यों के चार्टर के अनुसार काम कर सकता है और तैनाती के क्षेत्रों में अपनी भूमिका और सीमा सुरक्षा के कार्य का निष्पादन कर सकता है।एसएफ के आइजी ने कहा कि यह व्यवस्था सीमावर्ती राज्यों गुजरात, राजस्थान, पंजाब, बंगाल और असम में अंतरराष्ट्रीय सीमा से 50 किमी की भीतर तक अपराध रोकने में हम लोगों को और सक्षम बनाएगी।

इससे पहले गुजरात के मामले में यह सीमा 80 किमी और पंजाब, बंगाल और असम के मामले में 15 किमी तय की गई थी।

मिंज ने कहा कि हम हमेशा राज्य पुलिस के साथ घनिष्ठ समन्वय में काम करते हैं। राज्य पुलिस के साथ हमारी मासिक बैठकें होती हैं। सीमा सुरक्षा और बेहतर समन्वय को और मजबूत करने के लिए हमारे पास सीमा सुरक्षा ग्रिड की एक प्रणाली है।