शमिता शेट्टी की इस दरियादिली पर फिदा हुए फैंस, बताया

 

Photo credit - Shamita Shetty Insta Account
सलमान ख़ान का शो ‘बिग बॉस 15’ हर रोज़ किसी न किसी वजह से सोशल मीडिया पर छाया रहता है। कभी लड़ाई-झगड़ों के लिए तो कभी इश्क मोहब्बत के लिए...अक्सर इस शो की चर्चा सोशल मीडिया पर होती ही रहती है।

नई दिल्ली। सलमान ख़ान का शो ‘बिग बॉस 15’ हर रोज़ किसी न किसी वजह से सोशल मीडिया पर छाया रहता है। कभी लड़ाई-झगड़ों के लिए, तो कभी इश्क मोहब्बत के लिए...अक्सर इस शो की चर्चा सोशल मीडिया पर होती ही रहती है। लेकिन हाल ही में 'बिग बॉस' में कुछ ऐसा हुआ है जिससे फैंस काफी इम्प्रेस हैं, ऐसा शायद पहले किसी सीज़न में नहीं हुआ होगा।

दरअसल, हाल ही में बिग बॉस ने घरवालों को एक टास्क दिया जिसमें घरवासियों को टास्क जीतने के लिए जंगलवासियों के निजी सामान खराब करने थे। टास्क के दौरान शमिता, मायशा की सैंडल्स पेंट से खराब कर देती हैं और ये जानकर मायशा काफी भावुक हो जाती हैं। उसके बाद शमिता को प्रतीक के जरिए मायशा के बारे में  पता चलता है उनके माता-पिता नहीं हैं, ये जानकर शमिता रोने लगती हैं और मायशा को अपनी सैंडल ऑफर करती हैं। मायशा, शमिता से मना भी करती हैं, लेकिन शमिता कहती हैं कि वो ये उन्हें खुशी से दे रही हैं। शमिता, मायशा से कहती हैं कि वो जो चाहें वो सैंडल अपने लिए ले सकती हैं।शमिता की ये दरियादिली फैंस को बहुत पसंद आ रही है और वो एक्ट्रेस की काफी तारीफ कर रहे हैं। जिस शो में कंटेस्टेंट्स टास्क के दौरान एक दूसरे का सामान नष्ट कर देते हैं उस घर में शमिता ने अपना कीमती सामान दूसरे कंटेस्टेंट को दे दिया ये देखकर लोग शमिता से काफी इम्प्रेस हुए हैं और उनकी तारीफ कर रहे हैं

क्यों भावुक होती हैं शमिता शेट्टी :

दरअसल, 'जंगल में खुंखार दंगल' टास्क खत्म होने के बाद मायशा अय्यर इमोशनल हो जाती हैं। वह प्रतीक सहजपाल से कहती हैं कि वह उनके बारे में सब जनाते हैं कि उन्हें बिग बॉस के घर से बाहर कोई भी जरूरी सामना देने वाला नहीं है। जिसके बाद प्रतीक सहजपाल मायशा से माफी मांगते हुए उन्हें गले लगा लेते हैं। इसके बाद जब मायशा किचन में खाना बना रही होती हैं तो शमिता प्रतीक सहजपाल से पूछती हैं कि मायशा ऐसा क्यों बोल रही थीं कि घर के बाहर उनका कोई नहीं हैं। इस पर प्रतीक शमिता को बताते हैं कि मायशा के माता-पिता इस दुनिया में नहीं हैं। जिसके बाद शमिता शेट्टी इमोशनल हो जाती हैं और रोने लगती हैं। कुछ देर बाद प्रतीक और शमिता मायशा को अपने पास बुलाते हैं और शमिता उन्हें अपनी सैंडल दे देती हैं।