किसान आंदोलन के चक्कर में अटकी हरियाणा सरकार की योजना, जानिये- सोनीपत में ग्रामीणों ने क्या कहा

 

Kisan Andolan: किसान आंदोलन के चक्कर में अटकी हरियाणा सरकार की योजना, जानिये- ग्रामीणों ने क्या कहा

सोनीपत के गांव सिलाना में बिजली मीटर घरों से बाहर निकालने गई टीम को ग्रामीणों ने कार्य शुरू नहीं करने दिया। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक तीन कृषि कानून वापिस नहीं कर दिए जाते तब तक किसान म्हारा गांव-जगमग गांव योजना को गांव में लागू नहीं होने देंगे।

सोनीपत, संवादाता। दिल्ली से सटे हरियाणा के कुंडली और टीकरी बार्डर पर तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों को लेकर किसानों का प्रदर्शन जारी है। किसानों का कहना है कि वे तीनों केंद्रीय कानूनों को पूरी तरह से वापस लेने के बाद ही यह आंदोलन-धरना खत्म करेंगे। इस बीच सोनीपत के गांव सिलाना में बिजली मीटर घरों से बाहर निकालने गई टीम को ग्रामीणों ने कार्य शुरू नहीं करने दिया और कर्मचारियों को वापिस लौटा दिया। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक तीन कृषि कानून वापिस नहीं कर दिए जाते तब तक किसान म्हारा गांव-जगमग गांव योजना को गांव में लागू नहीं होने देंगे।

ग्रामीणों का कहना है कि वह भारत बंद के दिन ही यह फैसला ले चुके थे और अब इसे लागू किया जा रहा है।बिजली निगम की ओर से एक टीम जेई विनोद की अगुवाई में गांव सिलाना में मीटरों को घरों से बाहर करने के लिए पहुंची थी। इससे पहले गांव में खंभे बदलने के साथ ही नई बिजली की तार लगाने का काम पूरा हो चुका है लेकिन अब जब टीम पहुंची तो ग्रामीणों ने योजना को गांव में लागू होने देने से मना कर दिया।

ग्रामीणों ने कर्मचारियों को काम नहीं करने दिया। लोगों ने कहा कि नए कृषि कानूनों की वापसी होने के दिन तक योजना को गांव में लागू नहीं होने दिया जाएगा। इस दौरान ग्रामीणों ने कहा कि उनकी लड़ाई सरकार से हैं, वह सरकार के समक्ष अपनी मांग को बीते दस महीने से ज्यादा समय से रखे हुए हैं।

वहीं अब उन्होंने फैसला ले लिया है कि म्हारा गांव-जगमग गांव योजना को अपने ग्रामीण चंचल में तभी लागू होने दिया जाएगा जब सरकार तीन कृषि कानूनों को वापस ले लेगी। ऐसे में जेई विनोद ने कहा कि ग्रामीणों के फैसले से अधिकारियों को अवगत करवाया जाएगा। इसके बाद वह टीम के साथ वापस लौट गए।