आगरा को जाम से निजात दिलाने को आइजी ने बनाया ट्रैफिक फ्लाइंग स्क्वाड

 

शहर में जाम की समस्या के निजात को आइजी नवीन अरोड़ा ने बनाया ट्रैफिक फ्लाइंग स्क्वाड।

ट्रैफिक से संबंधित सभी विभागों से समन्वय को बनाया जाएगा वाट्सएप ग्रुप। पुलिस लाइन में सभी संबंधित विभागों की बैठक कर आइजी ने दी जानकारी। ट्रैफिक पुलिस व अन्य अधिकारियों के साथ बैठक करके पांच उप समिति गठित की।

आगरा, संवाददाता। शहर में जाम की समस्या से निजात दिलाने को अब आइजी नवीन अरोड़ा ने ट्रैफिक फ्लाइंग स्क्वाड बनाया है। यह स्क्वाड जाम की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचेगा और कार्रवाई करेगा। इसके साथ ही अन्य विभागों से समन्वय स्थापित करने को वाट्सएप ग्रुप बनाया जाएगा।

पुलिस लाइन में आयोजित बैठक में आइजी नवीन अरोड़ा ने यह जानकारी दी। आइजी नवीन अरोड़ा ने शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार को 27 सितंबर से विशेष अभियान शुरू किया था। उन्होंने शहर में अलग-अलग स्थानों पर भ्रमण करने के बाद ट्रैफिक पुलिस के संसाधनों की स्थिति देखी। इसके बाद ट्रैफिक पुलिस व अन्य अधिकारियों के साथ बैठक करके पांच उप समिति गठित कीं। आइजी ने पुलिस लाइन में आगरा विकास प्राधिकरण, नगर निगम, सेतु निगम, आगरा मेट्रो परियोजना, लोक निर्माण विभाग, जल निगम, रोडवेज, आरटीओ, टाेरंट, एनएचएआइ और जल संस्थान के अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें उन्होंने बेहतर यातायात के लिए सुझाव लिए। शहर में अलग-अलग स्थानों पर निर्माण कार्य करा रहे विभागों से सामंजस्य बनाने को कहा। आइजी ने बताया कि दो ट्रैफिक फ्लाइंग स्क्वाड गठित किए गए हैं। एक स्क्वाड में एक टीआइ, एक एचसीपी और तीन कांस्टेबल रहेंगे। जाम लगने की जानकारी होने पर ये स्क्वाड मौके पर जाएंगे और जाम खुलवाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि वाट्सएप पर एक ग्रुप बनाया जाएगा। इसमें सभी विभाग के अधिकारी जोड़े जाएंगे। एसपी सिटी और एसपी ट्रैफिक इसके एडमिन रहेंगे। सड़कों पर निर्माण कार्य शुरू करने से पहले इस ग्रुप पर ही जानकारी देनी होगी। पुलिस लाइन में आयोजित बैठक में एसएसपी मुनिराज, एसपी सिटी विकास कुमार, एसपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता व अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

निर्माण कार्य कराने से पहले करने होंगे मानक पूरे

आइजी ने बैठक में कहा कि सड़कों पर निर्माण कार्य कराने से पहले मानक पूरे करने होंगे। प्रोजेक्ट समाप्ति की तिथि पहले से ही तय होगी। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद सड़क से मलबा भी हटाना होगा। निर्माण के समय टिनशेड लगाने और पानी का छिड़काव भी करना होगा। शहर के कुछ चौराहों की रोड इंजीनियरिंग में सुधार को भी विचार-विमर्श किया गया।