दिल्ली में छठ पूजा को लेकर सियासत गर्म, भाजपा के बाद अब कांग्रेस ने खोला सरकार के खिलाफ मोर्चा

 

छठ पूजा पर रोक के खिलाफ मुख्यमंत्री केजरीवाल के आवास के पास प्रदर्शन करते दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कार्यकर्ता
दिल्ली में छठ पूजा को लेकर राजनीति गरमा गयी है। छठ पूजा आयोजन की मंजूरी की मांग को लेकर गुरुवार को प्रदेश अध्यक्ष अनिल चौधरी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास के पास प्रदर्शन किया।

नई दिल्ली, संवाददाता। दिल्ली में छठ पूजा को लेकर राजनीति गरमा गयी है। भाजपा के बाद अब कांग्रेस ने भी दिल्ली सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। छठ पूजा आयोजन की मंजूरी की मांग को लेकर गुरुवार को प्रदेश अध्यक्ष अनिल चौधरी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास के पास प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों में अनिल चौधरी के अलावा प्रदेश कांग्रेस के कई अन्य नेता भी मौजूद रहे।

प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं का कहना है कि दिल्ली में जब स्विमिंग पूल, शराब के ठेके और बाजार समेत अन्य औद्योगिक संस्थान खोले जा सकते हैं तो छठ पूजा पर बैन क्यों लगाया गया है।

jagran

प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि लोगों की आस्था को देखते हुए दिल्ली में सार्वजनिक जगहों पर छठ पूजा आयोजन को मंजूरी दी जाए। 

jagran

बता दें कि गुरुवार को सीएम अरविंद केजरीवाल ने छठ पूजा की मंजूरी की मांग को लेकर एलजी अनिल बैजल को पत्र लिखा है। केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में कोरोना से हालात ठीक हैं ऐसे में छठ पूजा की इजाजत देनी चाहिए। इससे पहले दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर छठ पूजा मनाने के लिए मंजूरी देने की मांग की थी।

छठ पूजा की मंजूरी के लिए भाजपा ने किया था प्रदर्शन

छठ पूजा की मंजूरी की मांग को लेकर भाजपा ने मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास पर विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पानी की बौछार डाली, जिससे उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी सहित कई कार्यकर्ता जख्मी हो गए थे। मनोज तिवारी को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। इलाज के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई थी।

लखीमपुर खीरी मामले में युवक कांग्रेस ने निकाला कैंडल मार्च

इससे पहले बुधवार को लखीमपुर खीरी मामले को लेकर युवक कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने कैंडल मार्च निकाला। यह कैंडल मार्च को महा आक्रोश जुलूस नाम दिया गया था, जो रायसीना रोड से जंतर-मंतर तक के लिए निकली। इसमें कार्यकर्ता केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा को बर्खास्त करने की मांग कर रहे थे। युवक कांग्रेस के अध्यक्ष श्रीनिवास बी वी जी ने कहा कि कृषि कानून विरोधी आंदोलनकारियों को जिस वाहन से कुचला गया, प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उसमें केंद्रीय मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा वाहन में थे, लेकिन इस मामले में शासन और प्रशासन का रवैया संदेहास्पद और अन्यायपूर्ण है।

न्याय के लिए जरूरी है कि निष्पक्ष न्यायिक जांच हो और गृह राज्यमंत्री को तुरंत बर्खास्त किया जाए। खून-पसीना एक करके अपनी मेहनत से अन्न उगाने वाला किसान आज भाजपा सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली से लाचार और परेशान है। उन्हें ''न्याय' दिलाना हमारा कर्तव्य है।