कोबरा से डसवा कर की थी पत्नी की हत्या, कोर्ट में पति दिया गया दोषी करार


कोबरा से डसवा कर की थी पत्नी की हत्या
कोल्लम की अदालत ने सूरज को पिछले साल 25 मई 2020 की रात 25 वर्षीय पत्नी को सोते समय सांप से डसवाने का परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर दोषी पाया है। सूरज ने ही कमरे में कोबरा को छोड़कर पत्‍नी को जानबूझकर उससे डसवाया ताकि वह मर जाए।

 कोल्लम (केरल), प्रेट्र। अपनी तरह के एक अनोखे मामले में काले नाग (कोबरा) से दिव्यांग पत्नी को डसवा कर मार डालने वाले युवक को यहां की एक अदालत ने हत्या का दोषी करार दिया है। उसे बुधवार को सजा सुनाई जाएगी। राज्य के पुलिस प्रमुख ने इसे हत्या के दुर्लभतम मामलों में से एक बताया है।jagran

परिस्थितिजन्य साक्ष्य के आधार पर दोषी पाया गया

अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राज्य के पुलिस प्रमुख अनिल कांत ने कहा कि यह बहुत कठिन मामलों में से एक है, जिसमें आरोपित को परिस्थितिजन्य साक्ष्य के आधार पर दोषी पाया गया। मामले की जांच करने वाली पुलिस टीम की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि यह इस बात का उदाहरण है कि कैसे वैज्ञानिक और पेशेवर तरीके से हत्या के मामले की जांच की गई। उन्होंने तिरुअनंतपुरम में संवाददाताओं से कहा कि जांच दल ने मामले को सुलझाने के लिए फोरंसिक, फाइबर डाटा, सांप के डीएनए और अन्य सुबूतों का विश्लेषण करने में बहुत मेहनत की।

दो बार पैसे देकर खरीदे थे सांप

जांच में ये बात सामने आई कि सूरज ने सांप पकड़ने वाले से दो बार पैसे देकर सांप खरीदे थे। उसने एक बार पहले भी सांप से पत्नी को मारने की साजिश रची थी, लेकिन उस दौरान वह कामयाब नहीं हुआ था। इस मामले में सपेरे को आरोपी बनाकर कोर्ट में पेश किया गया। लेकिन बाद में सपेरा मुकदमे में सरकारी गवाह बन गया। सुनवाई के दौरान उसने कोर्ट को सूरज को सांप देने की बात मान ली। सूरज पर पत्‍नी की हत्‍या, घरेलू हिंसा समेत कई का आरोप लगे, जिस पर कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए सूरज को दोषी ठहराया। अब 13 अक्टूबर को उसे सजा सुनाई जाएगी।

पैसे के लिए की पत्नी की हत्या

पुलिस ने कहा कि अपराध के पीछे असली मकसद पैसा था। हालांकि, सूरज को दहेज के रूप में भारी मात्रा में धन और सोना मिला था, लेकिन वह पत्नी से संतुष्ट नहीं था। वह पत्नी और ससुराल से और पैसे लेना चाहता था और साथ में दूसरा बेहतर साथी खोजना चाहता था।

हत्या का दुर्लभतम मामला

सोमवार को जब सूरज को पुलिस की सुरक्षा में कोर्ट में लाया गया, तब कोर्ट के बाहर सुबह से ही लोगों की भारी भीड़ जमा थी। यहां तक ​​कि कोर्ट के गलियारे भी खचाखच भरे थे। अभियोजक ने जज से इस मामले को दुर्लभ से दुर्लभतम अपराध मानने के लिए कहा और दोषी सूरज को मौत की सजा देने के अपील की।