आप्टिमल बीपी से युवा रहता है मस्तिष्क, जानें- क्या है नार्मल और आप्टिमल ब्लड प्रेशर ?
रा (आस्ट्रेलिया), एएनआइ। यदि ब्लड प्रेशर आप्टिमल यानी नार्मल या सामान्य स्तर से भी थोड़ा कम रहे तो आपका न सिर्फ कई गंभीर बीमारियों से बचाव या उसका जोखिम कम हो सकता है, बल्कि आप दिमाग से भी जवान रह सकते हैं। इसलिए यदि आप अपने सामान्य ब्लड प्रेशर से ही संमल ब्लड प्रेशर हमारे मस्तिष्क को वास्तविक उम्र से कम से कम छह माह ‘युवा’ रखने में मदद करता है। शोधकर्ताओं ने कहा है कि उनके इस शोध बताया गया है कि चूंकि हाई ब्लड प्रेशर जल्दी ‘बूढ़ा’ बनाता है, इसलिए मस्तिष्क भी कमजोर होता है, जिससे हार्ट डिजीज, स्ट्रोक और डिमेंशिया का जोखिम भी बढ़ता है। एएनयू सेंटर फार रिसर्च आन एजिंग, हेल्थ एंड वेलबीइंग के प्रोफेसर निकोलस चेरबुइन ने कहा कि यह सोचना पूरी तरह सच नहीं है कि हाई ब्लड प्रेशर के कारण ही बाद में मस्तिष्क बीमार होता है। बल्कि यह उन लोगों में भी शुरू हो जाता है, जिनका ब्लड प्रेशर सामान्य रहता है।
यदि सिस्टोलिक प्रेशर लगातार 120 से 129 और डायस्टोलिक प्रेशर 80 एमएम एचजी बना रहे तो इस स्थिति को बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर माना जाता है। सिस्टोलिक प्रेशर का मतलब धमनियों में उस दाब से है, जो हृदय की मांसपेशियों के संकुचन से ब्लड पंप होने से पैदा होता है। जबकि डायस्टोलिक प्रेशर धमनियों में उस दाब को दर्शाता है, जो संकुचन के बाद हृदय की मांसपेशियों के शिथिल होने पर होता है।