जीजा की हत्या के आरोपित सिपाही ने चार दिन पहले ही आग में फंसे दस लोगों की बचाई थी जान, अब संपत्ति को लेकर हो रही चर्चा

 

आरोपित के वीरतापूर्ण कार्य के लिए पुलिस उपायुक्त ने उसे सम्मानित करने की भी घोषणा की थी।
अपने जीजा की हत्या के मामले में गिरफ्तार सिपाही विक्रम ने चार दिन पहले ग्रेटर कैलाश पार्ट-1 इलाके में तीन मंजिला इमारत में आग में फंसे दस लोगों की जान बचाई थी। आरोपित के वीरतापूर्ण कार्य के लिए पुलिस उपायुक्त ने उसे सम्मानित करने की भी घोषणा की थी।

नई दिल्ली। अपने ही जीजा की हत्या के मामले में गिरफ्तार सिपाही विक्रम ने चार दिन पहले ग्रेटर कैलाश पार्ट वन इलाके में तीन मंजिला इमारत में आग में फंसे दस लोगों की जान बचाई थी। आरोपित के वीरतापूर्ण कार्य के लिए पुलिस उपायुक्त ने उसे सम्मानित करने की भी घोषणा की थी।

वहीं, मृतक भीम अवार्ड से सम्मानित सब इंस्पेक्टर वीरेंद्र के स्वजन ने स्थानीय पुलिस पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। भाई सुरेंद्र ने बताया कि खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन के चलते उन्हें हरियाणा सरकार ने भीम अवार्ड से सम्मानित किया था। जबकि राष्ट्रमंडल खेल और एशियाड खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए राष्ट्रपति द्वारा भी सम्मानित किया गया था। खेल कोटे से ही उन्हें हरियाणा पुलिस में सब इंस्पेक्टर के तौर पर भर्ती किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना में दिल्ली पुलिस की भी सहभागिता है। आरोपित गिरफ्तार होने के बाद भी हिरासत में फोन इस्तेमाल कर रहा था। दूसरी तरफ पीड़ित परिवार की पुलिस ने कोई मदद नहीं की।

सिपाही के वेतन में बना ली करोड़ों की संपत्ति

सफदरजंग एरिया में सिपाही विक्रम द्वारा जीजा की हत्या की घटना सामने आने के बाद सिपाही की संपत्ति चर्चा का विषय है। जांच कर रहे अधिकारी भी हैरान हैं कि मात्र सिपाही के वेतन में आरोपित ने दिल्ली के हाई प्रोफाइल इलाके में करोड़ों रुपये कीमत की कोठी बना रखी है। हालांकि चार करोड़ रुपये मृतक वीरेंद्र द्वारा दिए जाने के तथ्यों की भी जांच हो रही है।

साल्वर गैंग ने तैयार की थी अपनी कंप्यूटर लैब

उधर सोनीपत में एसटीएफ ने हैकिंग साफ्टवेयर के जरिये आनलाइन परीक्षा कराने वाले गिरोह के मुख्य सरगना विकासदीप दहिया को पांच दिन की रिमांड पर लिया। उसको रविवार शाम को न्यायालय में पेश किया गया।

एसटीएफ के प्रभारी इंस्पेक्टर सतीश देशवाल ने बताया कि गैंग का मास्टरमाइंड विकासदीप दहिया ही है। उसने मोनू और शौकी के साथ मिलकर अपनी ही कंप्यूटर लैब स्थापित की थी। वह पेपर हल कराने के लिए साल्वर का इंतजाम करने के साथ ही ठगी करने के लिए कंडीडेट भी जुटाता था। विकासदीप ने एसटीएफ को अपने गैंग के पांच अन्य लोगों के बारे में जानकारी दी है। उनकी गिरफ्तारी को एसटीएफ ने छापामारी शुरू कर दी ह

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