साइबर अपराध पर लगाम के लिए दिल्ली पुलिस उठा रही बड़ा कदम, जानिए क्या है तैयारी

 

तीन सौ अधिक पुलिस कर्मियों को दिया गया साइबर जांच पर प्रशिक्षण
साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली पुलिस एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। पुलिस की ओर से जल्द ही अब सभी 15 जिले में अलग से एक साइबर अपराध थाना बनाने की तैयारी की जा रही है। इस संबंध में एक प्रस्ताव भी तैयार किया गया है।

नई दिल्ली,  संवाददाता। साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली पुलिस एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। पुलिस की ओर से जल्द ही अब सभी 15 जिले में अलग से एक साइबर अपराध थाना बनाने की तैयारी की जा रही है। इस संबंध में एक प्रस्ताव भी तैयार किया गया है। इस प्रस्ताव के तहत सभी जिले में साइबर यूनिट को और मजबूत करने के लिए साइबर से जुड़े मामलों की जांच में निपुण पुलिस अधिकारियों की तैनाती की जाएगी। इन थानों में सिर्फ साइबर से जुड़े अपराधों के मामलों की सुनवाई व जांच की जाएगी।

दिल्ली पुलिस के साइबर सेल के उपायुक्त केपीएस मल्होत्रा ने बताया कि अभी हर जिले में साइबर सेल यूनिट है लेकिन अब इसे और मजबूत किया जा रहा है। अभी फिलहाल साइबर अपराध के मामले में पीडि़तों के पास शिकायत दर्ज करने दो विकल्प हैं। इनमें एक तो लोग स्थानीय थाने में अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं, दूसरे में नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दी जाती है। इस मामले में दोनों ही शिकायतों की जांच स्थानीय थाना पुलिस करती है। पुलिस अधिकारी ने बताया इन थानों में अधिकारियों की तैनाती साइबर से जुड़े प्रशिक्षण के बाद दी जाएगी। तीन सौ से अधिक अधिकारियों को साइबर से जुडे मामलों की जांच व जांच में प्रयोग किए जाने वाले उपकरणों का प्रशिक्षण दिया भी जा चुका है और कई अधिकारियों को समय-समय पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

स्थानीय थानों में काम का दबाव भी कम होगा

बीते कुछ सालों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। झारखंड के जामताड़ा, बिहार के नालंदा, हरियाणा के मेवात और राजस्थान के भरतपुर से बड़ी संख्या में साइबर ठग लगातार सक्रिय रहते हैं। वह आए दिन नए तरीकों से लोगों को झांसे में लेकर उनसे ठगी की वारदातों को अंजाम देते हैं। ऐसे कई गिरोह पर दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने कार्रवाई भी की है, इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग साइबर अपराध का शिकार हो रहे हैं। स्थानीय पुलिस के पास पहले से कई गंभीर अपराध जांच के लिए होते हैं। साइबर थाना खुलने से स्थानीय थानों में काम का दबाव भी कम होगा।