भारतीय सेना में नारी का शक्ति रूप, जानें किस फोर्स में कितनी है संख्या

 



भारत सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक भारतीय सेना में 6807 महिलाएं काम कर रही हैं।
हाल ही में शॉर्ट सर्विस कमीशन (एसएससी) प्राप्त महिला अधिकारियों को भारतीय सेना के सभी दस प्रभागों में स्थायी कमीशन प्रदान किया गया है। चार महिला अधिकारियों को भारतीय नौसेना के युद

नई दिल्ली। भारत में नारी को शक्ति का रूप माना गया है। ये नारी शक्ति देश के बाहर और अंदर मौजूद दुश्मनों से देश की रक्षा करने के साथ ही उनको मुंहतोड़ जवाब भी दे रही हैं। पिछले कुछ समय में भारत की सशस्त्र सेनाओं में महिलाओं की संख्या तेजी से बढ़ी है।  सरकार भी प्राथमिकता के आधार पर सेनाओं में उनकी भूमिका को बढ़ाने के लिए कई तरह के प्रयास कर रही है। हाल ही में शॉर्ट सर्विस कमीशन (एसएससी) प्राप्त महिला अधिकारियों को भारतीय सेना के सभी दस प्रभागों में स्थायी कमीशन प्रदान किया गया है। चार महिला अधिकारियों को भारतीय नौसेना के युद्धपोतों पर नियुक्त किया गया है। कैप्टन तानिया शेरगिल ने गणतंत्र दिवस परेड 2020 में पुरुष सैनिकों के दल का नेतृत्व किया।

भारत सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक भारतीय सेना में 6807 से अधिक महिलाएं काम कर रही हैं। वहीं भारतीय वायुसेना में इनकी संख्या लगभग 1607 है। अगर पुरुषों और महिला अधिकारियों के रेशियो की बात करें तो सबसे अधिक महिलाएं नेवी में काम कर रही हैं। नेवी की कुल क्षमता का लगभग 6.5 फीसदी महिलाएं हैं। भारतीय की तीनों सेनाओं में कुल मिला कर लगभग 9,118 महिलाएं हैं। सरकार के मुताबिक वर्ष 2019 की तुलना में 2020 में महिलाओं की संख्या भारत की तीनों सेनाओं में बढ़ी है।

भारत में महिलाएं लड़ाकू जहाज उड़ाने, पानी के लड़ाकू जहाजों पर अहम जिम्मेदारियां संभालने के साथ ही स्पेशनल ऑपरेशन के जरिए दुश्मन को सबक सिखाने में अहम भूमिकाएं निभा रही हैं।

केंद्रीय रक्षा मंत्रालय की ओर से आधिकारिक तौर पर मंजूरी मिलने से भारतीय सेना के सभी 10 हिस्सों जिसमें आर्मी एयर डिफेंस, सिग्नल्स, इंजीनियर्स, आर्मी एविएशन, इलेक्ट्रॉनिक्स व मैकेनिकल इंजीनियरिंग, आर्मी सर्विस कॉर्प्स और इंटेलिजेंस कॉर्प्स आदि शामिल हैं, जिनमें महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन मिल पाएगा। अब तक अधिकतर महिलाओं की भर्ती सेना में शॉर्ट सर्विस कमीशन के तहत होती थी, लेकिन अब उन्हें स्थायी कमीशन मिलेगा। जिसके मायने हैं कि महिला सैन्य अधिकारी भी पुरुषों के समान ही तब तक अपने पद पर कार्यरत रहेंगी जब तक वह रिटायर नहीं हो जाती हैं।

महिलाओं को समान अवसर प्रदान करने के लिए भारतीय सेना ने उनको भी पुरुषों की तरह स्थायी कमीशन देने का ऐलान किया है।

नौसेना ने उठाए ये कदम

महिला अधिकारियों को अधिक अवसर प्रदान करने के लिए भारतीय नौसेना ने ये कदम उठाए हैं:-

- नौसेना के लड़ाकू जहाजों पर चार महिला अधिकारियों को नियुक्त किया गया है ।

-दो महिला पर्यवेक्षक अधिकारियों को पहली बार सितंबर 2020 में सीकिंग स्ट्रीम में रखा गया है ।

-किसी महिला अधिकारी को पहली बार आरपीए स्ट्रीम में रखा गया है ।

-एक महिला पर्यवेक्षक अधिकारी को एक वर्ष की अवधि के लिए डोर्नियर एयर क्रू के हिस्से के रूप में मालदीव में तैनात किया गया है ।

-पहली महिला अधिकारी को प्रोवोस्ट विशेषज्ञता में शामिल किया गया है एवं 20 जुलाई को एट-आर्म्स कोर्स के लिए प्रतिनियुक्त किया गया है ।

-किसी महिला अधिकारी को पहली बार एडीए, मॉस्को नियुक्त किया गया है ।

सशस्त्र बलों में लिंग अनुपात

तीनों सशस्त्र बलों में कार्यरत पुरुषों और महिलाओं की संख्या इस प्रकार है।

भारतीय सेना -महिलाओं की संख्या 6807 और  उनका प्रतिशत 0.56%

भारतीय वायु सेना-महिलाओं की संख्या 1607 और 1.08%

भारतीय नौसेना -महिलाओं की संख्या  704 और प्रतिशत 6.5%

(आंकड़े केवल महिला अधिकारियों के संबंध में हैं क्योंकि वर्तमान में अधिकारी स्तर पर महिलाओं को शामिल किया जाता है।)

दुनिया के अलग-अलग देशों में सेना में महिलाओं की संख्या

नेशनल काउंसिल फॉर सोशल स्टडीज के मुताबिक 2015 में महिलाओं की सेना में संख्या करीब 53,000 थी जो सेना की कुल क्षमता का पांच फीसदी था। इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्ट्रेटेजिक स्टडीज के मुताबिक पाकिस्तान की सेना में सिर्फ 3,400 महिलाएं हैं वो सभी मेडिकल या डेस्क जॉब करती हैं।

GlobalSecurity.org. के हवाले से दी गई एक खबर के मुताबिक अमेरिकी सेना में लगभग 16% महिलाएं जिनकी संख्या करीब 74,000 है, काम करती हैं। इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्ट्रेटेजिक स्टडीज के मुताबिक रूस में सेना की कुल क्षमता का 10% महिलाएं हैं।

पैरा मिलिट्री महिलाओं की संख्या

सीआरपीएफ 5928

सीआईएसएफ 5896

बीएसएफ 2640

एसएसबी 1166

आईटीबीपी 1091

स्रोत: गृह मंत्रालय