अमृत महोत्सव में स्वास्थ्य मंत्री बोले बिना किसी दुष्प्रभाव के लोगों को रोगमुक्त कर रही होम्योपैथी

 

होम्योपैथिक बोर्ड द्वारा आयोजित आजादी के अमृत महोत्सव में स्वास्थ्य मंत्री का प्रतीकात्मक चित्र ।
करोल बाग स्थित तिब्बिया कालेज में होम्योपैथी का 225वां वर्ष भी मनाया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने भाग लिया। जैन ने कहा कि होम्योपैथी पद्धति देश में बहुत सराहनीय काम कर रही है और बिना किसी दुष्प्रभाव के लोगों को रोगमुक्त कर रही है।

नई दिल्ली]। होम्योपैथिक बोर्ड ने सोमवार को आजादी का अमृत महोत्सव के तहत करोल बाग स्थित तिब्बिया कालेज में कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान होम्योपैथी का 225वां वर्ष भी मनाया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने भाग लिया। इस दौरान जैन ने कहा कि होम्योपैथी पद्धति देश में बहुत सराहनीय काम कर रही है और बिना किसी दुष्प्रभाव के लोगों को रोगमुक्त कर रही है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के चौधरी ब्रह्म प्रकाश आयुर्वेदिक चरक संस्थान, नेहरू होम्योपैथिक अस्पताल और आयुर्वेदिक और यूनानी तिब्बिया कालेज और अस्पताल ने कोविड-19 महामारी के दौरान उत्कृष्ट काम किया। जैन ने कहा कि सभी डाक्टरों को अपने व्यवहार में शांत, विनम्र और दयालु होना चाहिए। जिससे उनके पास आने वाले अधिकांश मरीजों का न सिर्फ अच्छा उपचार हो सकेगा। बल्कि मरीजों में डाक्टर के प्रति सम्मान भी बढ़ेगा। उन्होंने आगे कहा कि हमारा ज्यादातर ध्यान बीमारियों पर रहता है, जबकि इससे ज्यादा स्वास्थ्य पर होना चाहिए।

हमें डाक्टर से परामर्श केवल बीमारी होने के बाद ही नहीं, बल्कि स्वस्थ रहते वक्त भी लेना चाहिए। आयुष चिकित्सा पद्धति के डाक्टर इस कार्य को बहुत अच्छे से कर सकते हैं। इस प्रणाली में, एक स्वस्थ व्यक्ति भी डाक्टर से परामर्श कर सकता है। ऐसा नहीं होना चाहिए कि हम बीमार होने के बाद ही डाक्टर के पास जाएं। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने होम्योपैथी डाक्टरों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया।