लखीमपुर खीरी मामले में राकेश टिकैत ने क्या कहकर आंदोलन को फिर से दे दी हवा

राकेश टिकैत ने इंटरनेट मीडिया पर लखीमपुर खीरी मामले में बयान जारी किया है।
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने लखीमपुर खीरी मामले में इंटरनेट मीडिया पर अपना बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि लखीमपुर खीरी में फैसला आंदोलन की समाप्ति नहीं है सरकार सरकार से मंत्री को बर्खास्त कर मंत्री व उनके बेटे को तुरन्त गिरफ्तार किया जाय।

नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने लखीमपुर खीरी मामले में इंटरनेट मीडिया पर अपना बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि लखीमपुर खीरी में फैसला आंदोलन की समाप्ति नहीं है, सरकार से मंत्री को बर्खास्त कर मंत्री व उनके बेटे को तुरन्त गिरफ्तार किया जाय। सरकार को तयसीमा में अपने वादे पूरे करे।

इससे पहले उन्होंने एक और ट्वीट किया जिसमें लिखा गया कि गुरवेंद्र की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से संयुक्त किसान मोर्चा सहमत नहीं, दोबारा पोस्टमार्टम की मांग पर सरकार ने बोर्ड गठित कर डॉक्टरों को हेलीकॉप्टर से बहराइच भेजा। तीन शहीद किसानों का परिवार की सहमति पर किया संस्कार।

मालूम हो कि यूपी के लखीमपुर खीरी में किसान आंदोलन कर रहे थे, इसी दौरान उनके बीच से थार गुजर जाती है जिसकी चपेट में आने से 6 किसानों की मौत हो जाती है और कई घायल हो जाते हैं। इस घटना के बाद से पूरे प्रदेश में किसान आंदोलित हो जाते हैं, विपक्षी पार्टियों को राजनीति का एक अच्छा मौका मिल जाता है। सभी प्रदेश सरकार के खिलाफ सड़क पर उतर आते हैं, कांग्रेस, सपा, बसपा, राष्ट्रीय लोकदल, आम आदमी पार्टी के नेता लखीमपुर खीरी का रूख कर लेते हैं।

सुरक्षा के लिहाज के कई जगहों पर इन नेताओं को गिरफ्तार कर लिया जाता है और कुछ को हिरासत में लेकर छोड़ दिया जाता है। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी को इस दौरान पुलिस हिरासत में लेती है जिनका अधिकारी के साथ कहासुनी और हिरासत में लिए जाने के दौरान झाड़ू लगाने का वीडियो काफी वायरल होता है।

इससे पहले भी उन्होंने कहा था कि लखीमपुर की घटना बहुत ही दुखद है। कैसे कोई शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे किसानों पर इस तरह से वाहन चढ़ा सकता है। इसे जरूर किसी साजिश के तहत अंजाम दिया गया है या फिर कुछ और बात है। इस पूरी घटना की सच्चाई सामने आनी ही चाहिए। किसानों को इस घटना के सच का पता चलना ही चाहिए। तभी मृत आत्मा के परिजनों को शांति मिलेगी।