ग्रामीणों ने दिल्ली नगर निगम में चुनाव के बहिष्कार का किया ऐलान जानिए क्यों लिया फैसला

 


नांगलोई रोड पर धरना प्रदर्शन करते हुए गांव के लोग।
मुबारकपुर गांव से राजनिवास तक की जाने वाली पदयात्रा को पुलिस ने अनुमति नहीं दी। ऐसे में ग्रामीणों ने गांव के नांगलोई रोड पर ही करीब दो घंटे तक धरना दिया और अपनी समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की।

नई दिल्ली,  संवाददाता। मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं के निदान की मांग को लेकर सोमवार को मुबारकपुर गांव से राजनिवास तक की जाने वाली पदयात्रा को पुलिस ने अनुमति नहीं दी। ऐसे में ग्रामीणों ने गांव के नांगलोई रोड पर ही करीब दो घंटे तक धरना दिया और अपनी समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। धरने में शामिल ग्रामीणों ऐलान किया कि अगर उनकी समस्याओं का जल्द ही समाधान नहीं होगा तो वे आगामी दिल्ली नगर निगम चुनाव में मतदान नहीं करेंगे।

दरअसल चौगामा विकास समिति ने मुबारकपुर से राजनिवास तक दो दिवसीय पदयात्रा निकालने की पूर्व में घोषणा की थी। पदयात्रा को सोमवार को सुबह साढ़े से गांव के मेन स्टैंड से शुरुआत होनी थी। संस्था के महासचिव विजेंद्र सिंह डबास ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने उनको पदयात्रा करने की स्वीकृति नहीं दी तो ग्रामीण नांगलोई रोड पर चक्का जाम किया। इस दौरान दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि गांव की समस्याओं के समाधान के लिए ग्रामीणों की दिल्ली सरकार के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक कराने की प्रक्रिया आरंभ की जा चुकी है। उनके आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर दिया।

विजेंद्र सिंह डबास ने बताया कि गांव मुबारिकपुर डबास के चारों ओर ही नहीं, बल्कि मुख्य सड़क व गलियों में भी बारिश का पानी जमा है। गांव का आसपास के गांवों व कालोनियों से सड़क संपर्क टूटा हुआ है। गांव में गंदे पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण अधिकांश गलियां व नालिया जर्जर हो चुकी है।

गांव में स्थित नगर निगम स्कूल के सामने दो वर्ष से अधिक समय से सड़क टूटी होने के कारण बसें बंद हो गई है। गांव में वर्षों से पहले खोला गया डाकघर बन्द कर दिया। आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी और हिंदी अकादमी की लाइब्रेरी बंद कर दी है। उन्होंने कहा कि ऐसी कई समस्याएं हैं।

जिनके निदान के लिए अब तक जनप्रतिनिधियों से लेकर संबंधित अधिकारी तक कोई कदम नहीं उठा रहे हैं। ऐसे में यह फैसला किया गया कि समस्याओं के निदान नहीं होने पर ग्रामीण दिल्ली नगर निगम चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं करेंगे।