राज्यपाल कलराज मिश्र से अशोक गहलोत ने की मुलाकात

 

कलराज मिश्र और अशोक गहलोत। फाइल फोटो

राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र से सोमवार को राजभवन में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुलाकात की। राज्यपाल मिश्र से मुख्यमंत्री की यह शिष्टाचार भेंट थी। दोनों नेताओं के बीच कई मसलों पर बात हुई। हालांकि अभी तक इस संबंध में कुछ नहीं रहा जा सकता है।

नई दिल्ली/जयपुर। राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र से सोमवार को राजभवन में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुलाकात की। राज्यपाल मिश्र से मुख्यमंत्री की यह शिष्टाचार भेंट थी। दोनों नेताओं के बीच कई मसलों पर बात हुई। हालांकि अभी तक इस संबंध में कुछ नहीं रहा जा सकता है। गौरतलब है कि गत माह कलराज मिश्र ने एडवोकेट वेलफेयर अमेंडमेंट विधेयक बदलाव करने के लिए अशोक गहलोत सरकार को लौटा दिया था। राज्यपाल ने सरकार को बार काउंसिल और वकीलों के विभिन्न संगठनों के विरोध का हवाला देते हुए विधेयक लौटाया है। राजभवन से विधेयक वापसी की सूचना विधानसभा में दी गई। विधानसभा अध्यक्ष डा. सीपी जोशी ने राज्यपाल का संदेश पढ़कर सुनाया। वहीं, राज्य के इतिहास में विधानसभा के बजट सत्र को जारी रखते हुए सदन की बैठक फिर बुलाई गई थी। बजट सत्र को पांच माह से ज्यादा जारी रखा गया। 

पिछले साल पारित हुआ था विधेयक

विधानसभा में सात मार्च,2020 को एडवोकेट वेलफेयर फंड अमेंडमेंट विधेयक पारित हुआ था। 24 मार्च को राज्यपाल के पास मंजूरी के लिए भेजा गया। इस विधेयक में वेलफेयर फंड में वकीलों से लिए जाने वाले पैसे को बढ़ाया था। लाइफटाइम सदस्यता को 17,500 से बढ़ाकर एक लाख किया गया था। वकालात नाम पर लगने वाली टिकट का पैसा बढ़ाकर जिला कोर्ट में 100 रुपये और हाईकोर्ट के लिए 200 रुपये करने का प्रावधान किया गया था। वकील इन दोनों प्रावधानों का विरोध कर रहे थे। अब सरकार प्रावधानों में संशोधन कर विधानसभा में एक बार फिर विधेयक पारित करवा कर राज्यपाल के पास भेजेगी।

विधानसभा बुलाने को लेकर हो चुका है टकराव

पिछले साल कांग्रेस में सचिन पायलट खेमे की बगावत के समय गहलोत सरकार विधानसभा का सत्र तत्काल बुलाना चाहती थी, लेकिन उस समय राज्यपाल ने 21 दिन का नोटिस दिए बिना अचानक सत्र बुलाने पर आपत्ति जताते हुए मंजूरी नहीं दी थी। इस पर कांग्रेस और गहलोत सरकार को समर्थन दे रहे निर्दलीय विधायकों ने राजभवन के लान में जाकर धरना दिया था। इस मुद्दे पर काफी विवाद हुआ था। हालांकि बाद में राज्यपाल ने सत्र आहूत करने की मंजूरी दे दी थी। आमतौर पर विधानसभा के किसी भी सत्र की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने के बाद सत्रावसान के लिए राज्यपाल के पास फाइल भेजी जाती है। 

Popular posts
अयान मुखर्जी ने शेयर कीं 'ब्रह्मास्त्र' की शूटिंग की 5 तस्वीरें, तीसरी तस्वीर से लीक हुआ रणबीर कपूर के पौराणिक किरदार का लुक?
Image
दिल्ली में बर्बाद हो चुकी फसल के लिए किसानों को मुआवजा देगी केजरीवाल सरकार, भाजपा ने लिया क्रेडिट
Image
खुद को पानी और आग आग का मिश्रण मानती हैं ईशा सिंह, 'सिर्फ तुम' से डेढ़ साल बाद लौटीं टीवी पर
Image
आमना शरीफ ने ब्लैक ब्रालेट पहन बीच पर 'बोल्ड' अंदाज में किया पोज, तस्वीरें देख ट्रोलर्स ने कहा, 'आप कहां की शरीफ है'
Image
सिर्फ 9 लाख रुपये में ग्रेटर नोएडा में पाएं अपना घर, जानिये- कीमत, ड्रा और पजेशन के बारे में
Image