एनएसए अजीत डोभाल ने कहा, भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र के विकास में अहम भूमिका निभा सकता है प्राइवेट सेक्टर

भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी क्षेत्र के निवेश से उच्च तकनीक वाली नौकरियां पैदा होंगी
डोभाल ने कहा राष्ट्र निर्माण एक सहभागी प्रयास है जिसमें राष्ट्रीय हित को अधिकतम करने के लिए व्यक्तियों संरचनाओं और प्रणालियों की सामूहिक ऊर्जा को एक साथ लाना शामिल है। उन्होंने कहा कि ये प्रयास भारत को अंतरिक्ष संपत्तियों का विनिर्माण केंद्र बना देंगे।

नई दिल्ली, एएनआइ। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने सोमवार को कहा कि भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी क्षेत्र के निवेश से उच्च तकनीक वाली नौकरियां पैदा होंगी और तकनीकी विकास में मदद मिलेगी। इंडियन स्पेस एसोसिएशन (ISpA) के वर्चुअल लांन्च इवेंट में बोलते हुए, डोभाल ने कहा, 'आर्थिक विकास और तकनीकी विकास राष्ट्रीय शक्ति के सबसे महत्वपूर्ण तत्व हैं। ऐसे माहौल में राष्ट्रीय सुरक्षा और विकास के लिए नीति विकसित करने में सिर्फ राष्ट्रीय सरकारें अब एकमात्र हितधारक नहीं हो सकतीं।'

डोभाल ने कहा, 'राष्ट्र निर्माण एक सहभागी प्रयास है जिसमें राष्ट्रीय हित को अधिकतम करने के लिए व्यक्तियों, संरचनाओं और प्रणालियों की सामूहिक ऊर्जा को एक साथ लाना शामिल है।' उन्होंने कहा कि ये प्रयास भारत को अंतरिक्ष संपत्तियों का विनिर्माण केंद्र बना देंगे। डोभाल ने कहा कि एक मजबूत निजी क्षेत्र का उद्योग भी बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने में योगदान देगा। डोभाल ने कहा, 'भारत को व्यावसायिक रूप से उपलब्ध स्वदेशी उपग्रह संचार समाधान, भविष्य की प्रौद्योगिकियों में अनुसंधान और विकास, भौगोलिक क्षेत्रों में क्षमताओं पर नजर रखने और अंतरिक्ष संपत्तियों की सुरक्षा जैसे कई क्षेत्रों में क्षमता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है।'

उन्होंने कहा कि भारत को अपने व्यवसायिक रूप से उपलब्ध स्वदेशी उपग्रह संचार समाधान, भौगोलिक क्षेत्रों में ट्रैकिंग क्षमताओं और अंतरिक्ष संपत्तियों की सुरक्षा में वृद्धि करनी है। उन्होंने भारतीय अंतरिक्ष संघ के लान्च समारोह में बोलते हुए कहा कि यह एक अंतरिक्ष क्षेत्र उद्योग निकाय है, जिसमें भारती एयरटेल, लार्सन एंट टुब्रो, अग्निकुल, ध्रुव स्पेस और कावा स्पेस जैसी कंपानियां शामिल हैं।

उन्होंने आगे कहा कि आर्थिक विकास और प्रौद्योगिकी विकास राष्ट्रीय शक्ति के सबसे अहम तत्व हैं। ऐसे वातावरण में राष्ट्रीय सरकारें अब राष्ट्रीय सुरक्षा और विकास के लिए नीतियां विकसित करने में एकमात्र हितधारक नहीं हो सकती हैं। एनएसए ने कहा कि निजी क्षेत्र का राष्ट्र के निर्माण में बराबर का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि अब तक विशेष डोमेन जैसे कि सार्वजनिक क्षेत्र का वर्चस्व था। अब इसे निजी क्षेत्र के लिए खोलने की आवश्यकता है।