नोएडा प्राधिकरण ने तेज की एमराल्ड कोर्ट के दोनों टावरों को गिराने की प्रक्रिया, जानिए कब तक करना है जमींदोज

सेक्टर-93ए के सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट के दोनों टावर एपेक्स और सियान ’जागरण
सेक्टर-93 ए स्थित एमराल्ड कोर्ट के दोनों टावर एपेक्स-सियान को ध्वस्त कराने की प्रक्रिया को नोएडा प्राधिकरण ने तेज कर दिया है। नियोजन विभाग की ओर से केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआइ) को लिखित पत्र जारी कर अब तक टावरों को गिराने के लिए की गई तैयारियों की जानकारी मांगी।

नोएडा । सेक्टर-93 ए स्थित एमराल्ड कोर्ट के दोनों टावर एपेक्स-सियान को ध्वस्त कराने की प्रक्रिया को नोएडा प्राधिकरण ने तेज कर दिया है। नियोजन विभाग की ओर से केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआइ) को लिखित पत्र जारी कर अब तक टावरों को गिराने के लिए की गई तैयारियों की जानकारी मांगी। 30 नवंबर तक दोनों टावरों का ध्वस्तीकरण सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार किया जाना है।

बता दें कि सुपरटेक मामले की शासन की ओर से गठित एसआइटी ने जांच पूरी कर शासन को सौंप दिया है, जिसके बाद शासन ने चार सेवानिवृत्त आइएएस समेत 26 को जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी ठहराया है। इनमें से तीन सेवारत को तत्काल निलंबित भी कर दिया है। बता दें कि शासन की ओर से मंगलवार को कई अधिकारियों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज कराया जा सकता है। इसके संकेत भी मिलने लगे हैं। वहीं प्राधिकरण के नियोजन विभाग की ओर से सुपरटेक के दोनों टावरों के ध्वस्तीकरण के लिए सीबीआरआइ से संपर्क किया था, जिन्होंने स्थलीय निरीक्षण के बाद दोनों टावरों से संबंधित स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी रिपोर्ट मांगी थी। इसे सुपरटेक प्रबंधन की ओर से हासिल कर सीबीआरआइ को उपलब्ध करा दिया है।

चूंकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 30 नवंबर तक दोनों टावर को गिराया जाना है। इसलिए प्राधिकरण ने सीबीआरआइ से अब तक किए गए कार्य और टावर गिराने के लिए तैयार की गई कार्ययोजना को मांगना शुरू कर दिया है। एक सप्ताह के अंदर सीबीआरआइ अपना प्रस्तुतीकरण प्राधिकरण को दे सकता है। इसमें इमारत को ध्वस्त करने की कार्ययोजना शामिल होगी।

सुपरटेक के दोनों टावरों में 950 से ज्यादा फ्लैट बनाए जाने थे। 32 फ्लोर का कंस्ट्रक्शन पूरा हो चुका था। जब एमराल्ड कोर्ट हाउसिंग सोसायटी के बा¨शदों की याचिका पर टावर ढहाने का आदेश 2014 में आया, तब 633 लोगों ने इसमें फ्लैट बुक कराए थे, जिनमें से 248 रिफंड ले चुके हैं, 133 दूसरे प्रोजेक्ट्स में शिफ्ट हो गए, लेकिन 252 ने अब भी निवेश कर रखा है, लेकिन सोमवार को सुपरटेक की ओर से सुप्रीम कोर्ट में लगाई गई माडिफिकेशन याचिका को खारिज कर दिया गया है। हालांकि सुपरटेक के चेयरमैन आरके अरोड़ा ने कहा कि वह अभी रिव्यू और क्यूरेटिव याचिका लगाने को लेकर कानूनी सलाह ले रहे हैं।