आईएसएसएफ जूनियर विश्व चैंपियनशिप: मानव स्थली स्कूल की छात्रा नाम्या कपूर ने निशानेबाजी में जीता स्वर्ण पदक

 

न्यू राजेंद्र नगर स्थित मानव स्थली स्कूल की नौवीं की छात्रा नाम्या कपूर ।

नाम्या ने पांच अक्टूबर को पेरू के लीमा में आयोजित आईएसएसएफ जूनियर विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीत कर इतिहास रच दिया। महज 14 साल की नाम्या ने ये पदक 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में 36 अंकों के स्कोर के साथ जीता है।

नई दिल्ली। इरादे मजबूत और हौसले बुलंद हों तो सफलता जरूर मिलती है। न्यू राजेंद्र नगर स्थित मानव स्थली स्कूल की नौवीं की छात्रा नाम्या कपूर इसकी मिसाल है। उनकी प्रतिभा का हर कोई कायल है। उन्होंने पांच अक्टूबर को पेरू के लीमा में आयोजित आईएसएसएफ जूनियर विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीत कर इतिहास रच दिया। महज 14 साल की नाम्या ने ये पदक 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में 36 अंकों के स्कोर के साथ जीता है।

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जीतने के बाद पिता को किया फोन

नाम्या के पिता परवीन कपूर बताते हैं कि नाम्या ने जीतने के बाद सबसे पहले उन्हें फोन किया और कहा कि अब तो आइफोन ले कर दोगे। वहीं, उनकी माता गुंजन ने कहा कि उन्हें अपनी दोनों बेटियों नाम्या और खुशी से काफी उम्मीदें हैं। दोनो काफी प्रतिभाशाली हैं। उन्होंने नाम्या की इस जीत का श्रेय कोच अंकित शर्मा को देते हुए कहा कि नाम्या साल 2019 से फरीदाबाद में कोच अंकित शर्मा से निशानेबाजी का प्रशिक्षण ले रही हैं।

साल 2017 से ले रही हैं प्रशिक्षण

नाम्या बताती है कि वो अपनी मां के साथ पंजाबी बाग स्थित एक स्कूल जाती थी जहां उनकी बड़ी बहन खुशी निशानेबाजी का प्रशिक्षण लेती थी। तो जब वह महज 10 वर्ष की थी तब उनकी बहन के कोच सबीर खान की नजर उन पर पड़ी। कोच ने उनकी मां से कहा कि अगर वो निशानेबाजी सीखती हैं तो देश का नाम रौशन करेंगी। मां और कोच दोनों के उन पर विश्वास को देखकर उन्होंने साल 2017 में निशानेबाजी का प्रशिक्षण लेना शुरू किया और धीरे-धीरे ये कब उनका शौक बन गया उन्हें पता ही नहीं चला।

धैर्य के साथ अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन देने की सोचे

मानव स्थली स्कूल में हमेशा ही छात्रों को खेलों के प्रति बढ़ावा दिया जाता है। नाम्या को मैं तीन-चार साल से स्कूल में निशानेबाजी का प्रशिक्षण लेते हुए देख रही हूं। मानसिक एकाग्रता वोल इस खेल में नाम्या कभी भी विचलित नहीं होती। वो धैर्य के साथ अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन देने की सोचती हैं। वो एक होनहार छात्रा है, खेल के साथ-साथ वो पढ़ाई में भी अव्वल है। स्कूल के लिए ये गौरव का पल है। हमें बहुत खुशी होती है जब हमारे छात्र अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करते हैं और देश का मान बढ़ाते हैं।

ममता भटनागर , निदेशक, मानव स्थली स्कूल, न्यू राजेंद्र नगर