नवंबर-दिसंबर तक बच्चों को लगना शुरू हो सकता है कोरोना का टीका

 


नवंबर-दिसंबर तक बच्चों को लगना शुरू हो सकता है कोरोना का टीका

कर्नाटक में नवंबर-दिसंबर तक बच्चों को कोरोना की वैक्सीन लगना शुरु हो जाएगी। केंद्र सरकार जाइडस कैडिला कंपनी के साथ बच्चों के लिए कोरोना टीकों की कीमत पर बातचीत कर रही है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने इसकी जानकारी दी।

बेंगलुरु, आइएएनएस। बच्चों में कोरोना वैक्सीन कब लगेगी यह प्रश्न सभी के दिमाग में इस वक्त चल रहा है। क्योंकि सभी ने कोरोना की दूसरी लहर देख ली है। कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच अभिभावक अपने बच्चों को फिर से स्कूल भेजने को लेकर चिंतित है। हालांकि, माना जा रहा है कि अक्टूबर में बच्चों को कोरोना की वैक्सीन लगना शुरू हो जाएगी। इस क्रम में कर्नाटक के बच्चों को दिसंबर तक कोरोना का टीका लग सकता है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के. सुधाकर ने घोषणा करते हुए कहा कि नवंबर या दिसंबर तक कर्नाटक में बच्चों को कोरोना वैक्सीन लगना शुरू हो जाएगी।

जाइडस कैडिला कंपनी के साथ कीमत को लेकर चल रही बातचीत

रविवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया के साथ कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री के. सुधाकर ने कहा कि केंद्र सरकार जाइडस कैडिला कंपनी के साथ बच्चों के लिए कोरोना टीकों की कीमत पर बातचीत कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर ये बातचीत सफल होती है, तो कर्नाटक में नवंबर और दिसंबर के महीने तक बच्चों के लिए टीका उपलब्ध हो जाएगा।

राज्य मंत्री ने कहा, 'केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के साथ बैठक बच्चों की वैक्सीन को लेकर चर्चा हुई।' इसके साथ ही सुधाकर ने कहा कि राज्य में तीसरी लहर की भविष्यवाणी करना संभव नहीं है। हालांकि, हमने सभी सावधानियां बरती हैं और पड़ोसी राज्यों केरल और महाराष्ट्र के दबाव के बावजूद कड़े प्रतिबंध अभी भी लागू हैं। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि कर्नाटक उन लोगों के लिए बूस्टर शाट्स देने पर भी चर्चा कर रहा है, जिन्होंने एक कोविड -19 की दोनों डोज ले ली है।

देश में वयस्‍कों के टीकाकरण की शुरुआत की गई थी तो सबसे पहले बुजुर्गों और गंभीर रूप से बीमार लोगों को प्राथमिकता के दायरे में रखा गया था। ऐसे में यह सवाल लाजमी है कि बच्‍चों के लिए टीकाकरण अभियान की शुरुआत में किन मसूमों को सबसे पहले वरीयता दी जाएगी।

राष्ट्रीय टीकाकरण तकनीकी सलाहकार समूह के अध्यक्ष डा. एनके अरोड़ा ने कहा कि देश में बच्चों के लिए कोविड रोधी टीकाकरण अभियान की शुरुआत में सबसे पहले गंभीर बीमारियों से ग्रसित बच्चों को प्राथमिकता दी जाएगी। जिन बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता ठीक होगी उन्हें बाद में टीका लगाया जाएगा।