लखीमपुर खीरी हिंसा में किसान नहीं, राजनीतिक दलों का हाथ : भारतीय किसान संघ

 

लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े किसान संगठन भारतीय किसान संघ (भाकिसं)
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा में शामिल लोगों के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े किसान संगठन भारतीय किसान संघ (भाकिसं) ने कहा है कि इसके पीछे विभिन्न राजनीतिक दलों के लोग हैं न कि किसान।

नई दिल्ली, प्रेट्र। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा में शामिल लोगों के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े किसान संगठन, भारतीय किसान संघ (भाकिसं) ने कहा है कि इसके पीछे विभिन्न राजनीतिक दलों के लोग हैं, न कि किसान। इस घटना को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताते हुए, भारतीय किसान संघ ने एक बयान में कहा कि इस घटना को वामपंथी तरीकों का इस्तेमाल करके अंजाम दिया गया था। लोगों ने बेरहमी से लोगों को लाठियों से पीट-पीट कर मार डाला।

हत्याएं करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा दिए जाने की मांग

भारतीय किसान संघ ने कहा कि ऐसी हरकत किसान नहीं कर सकते। ये काम विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों का है। भाकिसं ने दावा किया कि जिस तरह से लोगों ने कानून को अपने हाथ में लिया और सार्वजनिक रूप से हत्याएं कीं, उससे पता चलता है कि हिंसा में लिप्त लोग पेशेवर गिरोहों का हिस्सा थे। इस तरह के कृत्यों में शामिल लोगों के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग करते हुए भारतीय किसान संघ ने कहा कि इस जघन्य घटना की जल्द से जल्द निष्पक्ष जांच कर मृतकों के परिवारों के साथ न्याय किया जाना चाहिए।

हिंसा में हो चुकी है दस लोगों की मौत

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान रविवार को हुई हिंसा में करीब दस लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें चार किसानों की मौत वाहन से कुचलने से हुई जबकि तीन भाजपा कार्यकर्ताओं और एक पत्रकार को बुरी तरह पीटकर मौत के घाट उतारा गया।

मौके पर मौजूद नहीं था मेरा बेटा

उधर, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी ने कहा कि उनका बेटा मौके पर मौजूद नहीं था। कुछ बदमाश विरोध कर रहे किसानों के साथ मिल गए और कार पर पथराव किया, जिससे 'दुर्भाग्यपूर्ण घटना' हुई। हम प्रत्येक जांच एजेंसी का सामना करने के लिए तैयार हैं। दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। जो लोग दोषी होंगे, जिन्होंने साजिश रची है उन्हें किसी स्तर पर छोड़ा नहीं जाएगा।